मोहाली, 23 जुलाई (Geenews network) मोहाली अदालत ने पांच हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में जिला शिक्षा अफसर (ऐलीमेंटरी एजुकेशन) रोपड़ के कर्मचारी संतोष कुमार को चार साल की सजा व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह मामला अतिरिक्त जिला एवं सैशन जज मोहाली की अदालत में विचाराधीन था। अदालत ने कहा कि बेशक इस मामले के ट्रॉयल दौरान शिकायतकर्ता सोहन सिंह दोषी संतोष कुमार के साथ मिलीभगत करके अदालत में अपनी गवाही से मुकर गया था, जिस कारण अदालत ने गवाह सोहन सिंह को होस्टाइल घोषित कर दिया था। इस केस में सरकार की ओर से मंजीत सिंह जिला अटार्नी विजिलेंस ब्यूरो ने केस की उचित पैरवी करने के कारण व अदालत की ओर से केस में अन्य पर्याप्त गवाही होने के कारण इस केस में फैसला सुनाते हुए आरोपी संतोष कुमार ( जिला विशेष शिक्षक कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी (एलिमेंट्री शिक्षा) रोपड़ को 4 वर्ष के कठोर कारावास व 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। आरोपी गिरफ्तार करके जिला जेल रोपड़ भेजा गया है। इसके अलावा अदालत ने मामले में अपनी गवाही से मुकरने के कारण शिकायतकर्ता सोहन सिंह के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। शिकायतकर्ता सोहन सिंह निवासी गांव असरपुर तहसील चमकौर साहिब जिला रोपड़ जोकि अपने ऑटो का इस्तेमाल विकलांग बच्चों और स्टॉफ को स्कूल लाने व घर छोडऩे के लिए करता है। उसे इस काम के लिए जिला शिक्षा अधिकारी ((एलिमेंट्री शिक्षा) रूपनगर द्वारा भुगतान किया जाता था। शिकायतकर्ता ने 31 मार्च 2019 को बिल नंबर-22 (राशि 31840) का बकाया किराया वसूल करने के लिए कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी (एलिमेंट्री शिक्षा) रूपनगर को दिया था। शिकायतकर्ता ने 2 अप्रैल 2019 को अपने बिल के भुगतान के संबंध में पूछताछ की तो वहां तैनात कर्मचारी संतोष कुमार (जिला विशेष शिक्षक) ने शिकायतकर्ता को कहा कि उसे बिल का भुगतना लेने के लिए 5 हजार रुपये रिश्वत देनी होगी, अन्यथा बिल पर आपत्ति लगाकर बकाया भुगतान रोक दिया जाएगा। आरोपी संतोष कुमार को विजिलेंस टीम ने सरकारी गवाहों की मौजूदगी में पांच हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ विजिलेंस थाना मोहाली में मामला दर्ज किया गया था।
