मोहाली 26,जुलाई (Geenews Network ) मनी लांड्रिंग मामले में नामजद पूर्व डीएसपी जगदीश भोला केस की सुनवाई सीबीआई की विशेष अदालत में हुई। अदालत में पूर्व डीएसपी भोला ने अपने वकील जतिंदर आहूजा के माध्यम से एक महीने की अंतरिम जमानत देने के लिए याचिका दायर की थी। अदालत में तर्क रखा गया कि पूर्व डीएसपी जगदीश सिंह भोला के पिता बलशिंदर सिंह का निधन 24 जुलाई को हो गया था और 26 जुलाई को उनके गांव राई-के कलां बठिंडा के श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया जाना है। अदालत से आग्रह किया कि अधीक्षक सेंट्रल जेल बठिंडा को आरोपी को भेजने के लिए निर्देश जारी किया जाए ताकि याचिकाकर्ता अपने पिता के दाह संस्कार समारोह में शामिल हो सके।
आवेदक ने कहा है कि वह मृतक बलशिंदर सिंह का इकलौता बेटा है
और उसके पहुंचे बिना उनके पिता बलशिंदर सिंह का अंतिम संस्कार नहीं हो सकता।
दूसरी तरफ ईडी के वकील ने तर्क दिया कि ईडी ने भोले के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया हुआ है। भोला के खिलाफ जो आरोप है वह अत्यंत गंभीर है। उस पर पीएमएलए की धारा 34 के तहत आरोप लगाए गए हैं। ईडी ने आरोपी जगदीश सिंह द्वारा मांगी गई राहत (अंतरिम जमानत) ना देने का आग्रह किया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद धारा 439 सीआरपीसी के तहत कार्रवाई करते हुए अपना फैसला सुनाया की दो संबंधित शिकायतें ‘ईडी’ शीर्षक से थी। अदालत ने कहा कि उक्त शिकायत में जमानत आवेदक के खिलाफ लगाए गए आरोपों की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए यह निश्चित किया गया है कि आवेदक का पिता के दाह संस्कार में जाना जरूरी है। अदालत ने अधीक्षक केंद्रीय जेल बठिंडा को निर्देश दिए कि
अभियुक्त जगदीश सिंह भोला को कड़ी सुरक्षा में उसके पैतृक गांव राय-के कलां जिला बठिंडा में 26 जुलाई (यानी आज) सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक उसके पिता के दाह संस्कार के लिए ले जाया जाए। अदालत ने निर्देश दिए कि आवेदक पूरी तरह से पंजाब जेल मैनुअल नियमों के अनुसार पुलिस गार्ड और वाहन का खर्च वहन करेगा। अदालत ने संबंधित पुलिस पदाधिकारियों को तत्काल यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे। अदालत के निर्देशों के बाद आरोपी भोला को कड़े सुरक्षा प्रबंधो में उसके गांव ले जाया गया। बता दें कि इस मामले में फैसला अंतिम चरण पर है। लेकिन आरोपी जगदीश भोला के पिता के निधन के चलते इस मामले की अगली तारीख 30 जुलाई निश्चित की गई है।
जिक्रयोग है कि भोला से जुड़ा ड्रग्स मनी-लॉन्ड्रिंग का मामला करोड़ों रुपये के सिंथेटिक नारकोटिक्स रैकेट से संबंधित है, जिसका खुलासा पंजाब में 2013-14 में हुआ था। इस मामले को आमतौर पर भोला ड्रग्स केस के रूप में जाना जाता है, क्योंकि इसमें कथित किंगपिन पहलवान से पुलिसकर्मी और फिर ड्रग माफिया बने जगदीश सिंह उर्फ भोला को माना जाता है।
