-ब्लिंकर लाइट को लेकर हुआ विवाद, विधायक बोले ..उसने अपनी पावर दिखाई, मैंने अपनी
-एएसआई बोला मुझे एमएलए के ड्राइवर ने कहा अब चालान काटकर ही दिखाना
मोहाली, 10 मई (GeenewsNetwork) मोहाली में 7 मई को जेल रोड पर पुलिस नाके पर आम आदमी पार्टी के विधायक हरदीप सिंह डिंपी ढिल्लों की गाड़ी रोकने का मामला तूल पकड़ गया है। ब्लिंकर लाइट को लेकर हुए विवाद के बाद फेज-8 थाने में तैनात एएसआई लखबीर सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया। वहीं विधायक डिंपी ढिल्लों ने शनिवार रात वीडियो जारी कर पूरे घटनाक्रम पर अपना पक्ष रखा।
गुरुवार शाम विधायक डिंपी ढिल्लों अपनी पत्नी और ड्राइवर के साथ चंडीगढ़ डिनर के लिए जा रहे थे। इसी दौरान फेज-8 में पुलिस नाका लगा हुआ था। नाके पर तैनात एएसआई लखबीर सिंह ने उनकी गाड़ी को रोक लिया और गाड़ी पर लगी ब्लिंकर लाइट को लेकर सवाल पूछे।
विधायक के मुताबिक उनके ड्राइवर ने पुलिसकर्मी को बताया कि गाड़ी में मौजूदा विधायक बैठे हैं और वाहन विधानसभा में रजिस्टर्ड है। इसके बावजूद एएसआई ने पहचान पत्र दिखाने को कहा। विधायक ने आरोप लगाया कि जब ड्राइवर मोबाइल में उनका आईडी कार्ड दिखाने लगा तो एएसआई ने साथ खड़े कॉस्टेबल से कहा कि अगर यह मौजूदा विधायक हैं तो छोड़ देना, नहीं तो चालान कर देना। डिंपी ढिल्लों ने वीडियो में कहा कि एएसआई के पास पुलिस की पावर थी और उनके पास विधायक होने की ताकत। उन्होंने कहा कि अगर उनके साथ ऐसा व्यवहार हो सकता है तो आम लोगों के साथ क्या होता होगा। विधायक ने बताया कि बाद में थाना प्रभारी सतनाम सिंह मौके पर पहुंचे और उन्होंने माफी मांगी।
उधर, पुलिस ने विधायक की गाड़ी का 1500 रुपये का चालान भी काटा। चालान में ट्रैफिक सिग्नल तोडऩे, सरकारी काम में बाधा डालने और दुर्व्यवहार करने के आरोप लगाए गए हैं। यह चालान रात करीब 8.55 बजे जारी किया गया। एएसआई ने कहा कि विधायक वहां 20 मिंट तक खड़े रहे और सुबह उन्हें लाइन हाजिर कर दिया गया।
हालांकि पूरे मामले पर पुलिस अधिकारियों ने खुलकर कुछ भी कहने से परहेज किया। एसएसपी मोहाली हरमंदीप सिंह हंस से संपर्क नहीं हो सका, जबकि डीएसपी हरसिमरन बल ने कहा कि मुलाजिम को लाइन हाजिर कर दिया है। थाना प्रभारी सतनाम सिंह ने इसे विभागीय मामला बताते हुए ज्यादा जानकारी सांझा नहीं की।
वहीं एएसआई लखबीर सिंह ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि नाके के पास पहुंचते ही गाड़ी में डैशबोर्ड पर रखी लाल बत्ती जलाई गई, जिससे उन्हें शक हुआ। उन्होंने कहा कि हाल ही में जालंधर की घटना के बाद सुरक्षा के मद्देनजर सख्ती बढ़ाई गई थी क्योंकि ऐसी लाइट का इस्तेमाल अब शरारती अनसर करने लगे हैं। शक के आधार पर गाड़ी को रोककर पूछताछ की गई थी। वैसे विधायक की गाडिय़ों की छत पर ब्लिंकर लगे होते हैं
