मोहाली,21 जुलाई (Geenews network)
1 किलो 300 ग्राम चरस मामले के दोषी को मोहाली अदालत ने 10 साल की कैद व 1 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अगर दोषी जुर्माना नहीं भरता तो उसकी 6 महीने की सजा बढ़ा दी जाएगी। यह सजा जीरकपुर के गांव छत निवासी वारिस खान को सुनाई गई है। वारिस खान के खिलाफ वर्ष 2021 में जीरकपुर थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था। इस मामले की सुनवाई मोहाली के अतिरिक्त एवं जिला सैशन जज की अदालत में विचाराधीन थी। अदालत ने अपना फैसला सुनाया कि राज्य में नशीली दवाओं का खतरा व्यापक रूप से फैल चुका है और यह खतरनाक अनुपात में पहुंच चुका है। यह हजारों निर्दोष परिवारों को अपनी चपेट में ले चुका है, इसलिए ऐसे नशीली दवाओं के तस्करों में भय पैदा करने के लिए कठोरतम सजा की आवश्यकता है, जो पैसे और आसान धन की लालच में अंधे होकर भोले-भाले युवाओं के बहुमूल्य जीवन से खेलते हैं और हमारे देश की नींव को कुतरते हैं, इसलिए दोषी सजा का हकदार है। वहीं दूसरी ओर दोषी ने यह दलील देते हुए नरम रुख अपनाने की प्रार्थना की कि वह पहली बार अपराधी है, गरीब व्यक्ति है और अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला है। इस तरह उठाई गई दलीलों पर विचार करने के बाद अदालत ने कहा कि इस मूलभूत तथ्य से अदालत पूरी तरह परिचित है कि वाणिज्यिक मात्रा में मादक पदार्थ दोषी वारिस खान के कब्जे से बरामद किया गया था। इस प्रकार, दोषी की आयु, पूर्ववृत्त और चरित्र तथा उसके द्वारा किए गए अपराध की गंभीरता और प्रकृति को ध्यान में रखते हुए उसे 10 साल की सजा व 1 लाख रूपये जुर्माना किया जाता है।
क्या था मामला
25 अगस्त 2021 को एएसआई गुरप्रताप सिंह अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ सरकारी वाहन पर बदमाशों की तलाश में छत लाइट प्वाइंट के पास मौजूद थे। शाम करीब 7 बजे उन्हें गुप्त सूचना मिली कि वारिस खान जो चरस सप्लाई करने में लिप्त है और मैंगो बाग के पास खड़ा है। वह अपने ग्राहकों का इंतजार कर रहा है। गुप्त मुखबिर ने आरोपी के हुलिए के बारे में भी खुलासा किया और यह भी बताया कि अगर उस इलाके में नाका लगाया जाए तो उसे भारी मात्रा में चरस के साथ पकड़ा जा सकता है। पुलिस ने नाकाबंदी कर उसे गिरफ्तार किया तो उसकी तलाशी दौरान उससे 1 किलो 300 ग्राम चरस बरामद हुई।
