खरड़ स्थित वेस्टर्न टावर में ईडी अधिकारियों को दो खाली बैग लेकर जाते देखा-सरकार ने नगर काउंसिल खरड़ का किया तबादला
मोहाली 8 मई (GeenewsNetwork)पंजाब में दो बड़े रियल एस्टेट ग्रुपों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी रही। शुक्रवार सुबह मोहाली के खरड़ स्थित वेस्टर्न टावर में ईडी अधिकारियों को दो खाली बैग लेकर जाते देखा गया। इसी टावर की 9वीं मंजिल से गुरुवार को कथित तौर पर कैश से भरे बैग नीचे फेंके गए थे। एक बैग फटने के बाद 500 रुपए के नोट हवा में उड़ते दिखाई दिए, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वहीं, आज सुबह ही मोहाली के फेज-4 में भी कारोबारी के घर दबिश दी गई। ईडी के अधिकारी एक प्राइवेट गाड़ी में आए और इस मामले में जांच शुरु कर दी। ईडी ने प्रितपाल सिंह ढींढसा के मोहाली इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में स्थित दफ्तर व फेज-10 में एल्टस्पेस नाम की कंपनी के मुख्य दफ्तर में भी रेड की। वहीं, सूत्रों के अनुसार न्यू चंडीगढ़ में भी ईडी की रेड चल रही है। इस बीच सरकार ने नगर काउंसिल खरड़ के ईओ सुखदेव सिंह का तबादला कर उन्हें फिरोजपुर के मल्लांवाला खास में नियुक्त कर दिया है। खबर लिखे जाने तक ईडी की रेड जारी थी।इस कार्रवाई के बीच आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रधान और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा भी राजनीतिक विवादों में घिर गए हैं। ईडी का दावा है कि मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी गौरव धीर मंत्री अमन अरोड़ा का करीबी है। हालांकि अमन अरोड़ा ने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इन आरोपों से साफ इनकार किया। उन्होंने कहा कि गौरव धीर उनका दोस्त जरूर है, लेकिन उसकी कारोबारी गतिविधियों से उनका कोई संबंध नहीं है। अरोड़ा ने ईडी को खुली चुनौती देते हुए कहा कि एजेंसी चाहे तो उनका मोबाइल जांच ले और पूछताछ कर ले।इस पूरे मामले में मोहाली की वेस्टर्न टावर्स सोसाइटी में रहने वाले आईटी कारोबारी नितिन गोहिल का नाम भी सामने आया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि नितिन गोहिल के मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मन से करीबी संबंध हैं। ईडी के अनुसार जांच में सामने आया है कि इंडियन कोऑपरेटिव हाउसिंग बिल्डिंग सोसाइटी (सनटेक सिटी) के सुरेश कुमार बजाज और अजय सहगल ने 15 जमीन मालिकों की 30.5 एकड़ जमीन के फर्जी सहमति पत्र तैयार किए। आरोप है कि इन दस्तावेजों पर जाली हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान लगाकर गमाडा से चेंज ऑफ लैंड यूज (सीएलयू) हासिल किया गया। इसके बाद बिना सेल डीड के लोगों को सोसाइटी का सदस्य बनाकर 150 करोड़ रुपए से अधिक की वसूली की गई।जांच में ‘ला कैनेला’ और ‘डिस्ट्रिक्ट-7’ जैसे प्रोजेक्ट्स का नाम भी सामने आया है। वहीं ऑल्टस स्पेस बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड पर खरीदारों को गुमराह करने का आरोप लगा है। कंपनी के प्रमोटर मोहिंदर सिंह के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया है और उन्हें भगोड़ा अपराधी घोषित किया गया है।ईडी ने यह भी दावा किया कि मनी लॉन्ड्रिंग के लिए ऑल्टस स्पेस बिल्डर्स की संपत्तियों को कम कीमत पर खरीदने की कोशिश की गई। मामले में गौरव धीर, नितिन गोहिल और प्रितपाल सिंह ढींडसा जैसे नाम भी जांच के घेरे में हैं।
