टारगेट किलिंग मामले की योजना में शामिल था आरोपी, एसएसओसी ने कवलजीत की निशानदेही पर किया गिरफ्तार

-मोहाली,16 जून (Geenews Network ) स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी) मोहाली ने टारगेट किलिंग की नाकाम साजिश में गिरफ्तार कवलजीत सिंह उर्फ काका की निशानदेही पर गैंगस्टर अर्श डल्ला के एक और साथी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान कुलविंदर सिंह उर्फ किंदा निवासी गांव दत्ता पुलिस स्टेशन मेहना जिला मोगा के रूप में हुई है। आरोपी को एसएसओसी की टीम ने मोगा से गिरफ्तार किया है। आरोपी को मोहाली अदालत में ड्यूटी मैजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया जहां अदालत ने उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
एसएसओसी रविवार को गैंगस्टर अर्श डल्ला के गुर्गे कवलजीत सिंह उर्फ काका को गिरफ्तार किया था, जोकि पुलिस रिमांड पर है। आरोपी कवलजीत सिंह से एसएसओसी ने 32 बोर पिस्टल, 3 कारतूस बरामद किए थे। अर्श डल्ला ने आरोपियों को टारगेट किलिंग का काम सौंपा था, जिसमें वह नाकाम रहे। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि आरोपी कवलजीत सिंह एक आदतन अपराधी है जिसका लंबा आपराधिक इतिहास है। रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, धोखाधड़ी, चोट पहुंचाने और आपराधिक अतिचार सहित आठ मामले दर्ज किए गए हैं। वह श्री मुक्तसर साहिब, लुधियाना, मोगा सहित पंजाब भर की विभिन्न जेलों में बंद रहा है और हाल ही में अप्रैल 2025 में फरीदकोट जेल से रिहा हुआ है। पूछताछ के दौरान कवलजीत सिंह ने खुलासा किया कि 2023 में जेल में रहते हुए अपने जेल के कैदियों के माध्यम से वह कुख्यात गैंगस्टर सुखदूल सिंह उर्फ सुखा दुनेके (अब मृत) के संपर्क में आया था, जो कनाडा स्थित गैंगस्टर अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डल्ला का करीबी सहयोगी था। सुखा दुनेके ने रिहाई के बाद उसे आपराधिक गतिविधियों में शामिल करने के इरादे से कवलजीत की जमानत में मदद की थी। इसके बाद सुखा दुनेके ने उसे अर्श डल्ला से मिलवाया। मूल रूप से मोगा का रहने वाला और आतंकवादी तत्वों से जुड़ा सुखा दुनेके सितंबर 2023 में कनाडा के विन्निपेग में मारा गया था। बाद में उसकी हत्या की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गिरोह ने ली थी। सुखा की मौत के बाद कवलजीत उर्फ काका को सीधे अर्श डल्ला संभाल रहा था। अप्रैल 2025 में रिहा होने के बाद कवलजीत ने अर्श डल्ला से दोबारा संपर्क किया, जिसने उसे फरीदकोट में एक हाई-प्रोफाइल टारगेट किलिंग को अंजाम देने का निर्देश दिया, जिससे उसके सहयोगी सुखा दुन्नेके की मौत का बदला लिया जा सके। इस कार्य के लिए कवलजीत ने दो और व्यक्तियों नवदीप सिंह उर्फ हनी, जो पहले से ही 13 जून 2025 को गिरफ्तार किया गया था और कुलविंदर सिंह उर्फ किंदा को अर्श डल्ला से मिलवाया था।
गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी लक्षित हत्या को अंजाम देने की तैयारी के अंतिम चरण में थे। अब तक पुलिस ने कुल एक जिगना पिस्टल के साथ 9 रौंद और एक 32 बोर पिस्टल के साथ 3 रौंदह बरामद किए हैं। एसएसओसी द्वारा त्वरित और समय पर कार्रवाई ने फरीदकोट में संभावित खूनी घटना को सफलतापूर्वक रोका है, जिससे नागरिकों की जान और सार्वजनिक शांति सुरक्षित रही है। इस तीसरी गिरफ्तारी के साथ साजिश मॉड्यूल का और पर्दाफाश हुआ है। लक्ष्य की टोह लेने वाले अज्ञात सहयोगी का पता लगाने और अर्श डल्ला के नेतृत्व में संचालित इस आपराधिक नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए जांच जारी है।
फोटो हथियार सहित गिरफ्तार अर्श डल्ला गिरोह के गुर्गे के बारे में जानकारी देते एसएसओसी मोहाली के अधिकारी
