शक होने पर पुलिस को दी शिकायत, ट्रैप लगाकर पुलिस ने गिरफ्तार किए 8 लोग

मोहाली,19 जुलाई (Geenews network) नेशनल इनवेस्टीगेशन एजेंसी (एनआईए) का फर्जी चीफ बनकर एक प्रॉपर्टी डीलर से 50 लाख रुपये की फिरौती मांगने के आरोप में 8 लोगों को जीरकपुर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह एक बहुत बड़ा गैंग है जो बिजनेसमैन को डराकर पैसे ऐंठने का धंधा करता है। आरोपियों ने प्रॉपर्टी डीलर को डराया कि दिल्ली में 30 करोड़ रुपये का गबन हुआ है जिसमें उसका नाम सामने आया है। अगर वह अपना नाम केस से निकलवाना चाहता है तो 50 लाख रुपये दे। प्रॉपर्टी डीलर ने उन पर शक हुआ और उसने इस मामले की शिकायत पुलिस को की। पुलिस ने ट्रैप लगाकर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों में ज्योति निवासी कृष्णा अपार्टमेंट द्वारका न्यू दिल्ली, नीलम निवासी गीता कॉलोनी उत्तम नगर दिल्ली, दलविंदर सिंह निवासी मलौया चंडीगढ़, राधे श्याम निवासी आनंदपुर साहिब, राज कुमार निवासी चाणक्या पुरी न्यू दिल्ली, नितेश निवासी गांव राणीयां जिला सिरसा (हरियाणा) व सुशील निवासी झज्जर हरियाणा शामिल हैं। आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 319(2), 318(4), 61 (2), 308(2) व 62 के तहत मामला दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया जहां अदालत ने उन्हें दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।चंडीगढ़ सेक्टर-39बी के रहने वाले 60 वर्षीय वीरपाल सिंह ने बताया कि वह खेतीबाड़ी के साथ-साथ प्रॉपर्टी डीलर का काम करता है। 17 जुलाई को 10 बजे सुबह उसे एक व्हट्स एप्प कॉल आया। कॉल करने वाले ने कहा कि वह एनआईए टीम का चीफ सुशील कुमार बोल रहा है। उसने उसे सिंघपुरा चौक जीरकपुर आकर मिलने को कहा। वीरपाल उसी समय अपनी कार से जीरकपुर सिंघपुरा लाइटों पर पहुंचा जहां तीन कारों में 7-8 व्यक्ति मौजूद थे। उनमें दो महिलाएं भी शामिल थी। एक व्यक्ति जो सिर से गंजा था ने खुद को एनआईए टीम का चीफ बताकर अपना नाम सुशील बताया और कार में बैठे व्यक्तियों को अपनी टीम का मैंबर बताने लगा। फर्जी एनआईए चीफ ने उसे कहा कि दिल्ली में 30 करोड़ रुपये का गबन हुआ है और पूछताछ में उसका नाम सामने आया है। उसने कहा कि वह उसके बैंक खातों व प्रॉपर्टी की जांच करनी जरूरी है। वह बात सुनकर घबरा गया। उसने कहा कि तेरा इस केस से नाम निकल सकता है वह 50 लाख रुपये का इंतजाम करे। उसने कहा कि वह इतनी रकम का इंतजाम नहीं कर सकता। वीरपाल सिंह ने कहा कि वह उसे 10 लाख रुपये का इंतजाम करके दे सकता है। फर्जी एनआईए चीफ ने उसे कहा कि कल शाम तक वह उसे 10 लाख रुपये लाकर जीरकपुर में दे तो वह उसका नाम केस से निकाल देगा। वीरपाल घर गया और अपने परिवार से बात की। उसके परिवार ने उसे कहा कि जब उसने कोई गलत काम नहीं किया तो वह पुलिस में शिकायत दे। उसने मामले की शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने ट्रैप लगाया और जब फर्जी गैंग वीरपाल से 10 लाख रुपये की रकम लेने आया तो पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। जब उनकी जांच की तो पता चला कि वह कोई एनआईए की टीम नहीं है बल्कि सभी फर्जी है और लोगों को डराकर उनसे पैसे ऐंठने का धंधा करते हैं। आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस को और खुलासे होने की उम्मीद है।
