मोहाली 4 जनवरी (Geenews Network) – पंजाब पुलिस ने 20 वर्षीय एसी मैकेनिक को मोहाली की एक फार्मास्युटिकल कंपनी के मालिक से 30 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया है। उसके साथ एक साथी को भी गिरफ्तार किया है जोकि पेशे से ड्राइवर है। आरोपियों ने विदेश में बैठे गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के नाम से फिरौती मांगी थी। आरोपी की पहचान चंडीगढ़ के मलोया कॉलोनी निवासी सूरज (20) के रूप में हुई है, जिसे वेरका चौक से गिरफ्तार किया गया, जब वह अपने सहयोगी मनदीप सिंह (32) निवासी श्री आनंदपुर साहिब के गांव मंगेवाल के साथ रंगदारी लेने जा रहा था। पुलिस ने उनके कब्जे से दो मोबाइल फोन और एक ब्लैक कलर सीटी 100 मोटरसाइकिल (बिना रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट) भी बरामद किया है।शिकायतकर्ता अमित औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक फार्मास्युटिकल कंपनी का मालिक है, ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसे 30 दिसंबर, 2022 को गैंगस्टर गोल्डी बराड़ होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति का फोन आया। फोन करने वाले ने मांग रंगदारी के रूप में 30 लाख की मांग की थी और समय पर सुरक्षा राशि नहीं देने पर शिकायतकर्ता को जान से मारने की धमकी दी।डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि शिकायत के बाद एसएएस नगर के स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल ने तुरंत इस मामले की जांच शुरू की और आरोपी कॉलर सूरज को गिरफ्तार कर लिया, जो अपने सहयोगी मनदीप सिंह के व्हाट्सएप नंबर का इस्तेमाल कर लक्ष्य को रंगदारी मांग रहा था. उन्होंने कहा कि आरोपी सूरज एसी मैकेनिक के रूप में काम करता है, जबकि उसका सहयोगी मनदीप टैक्सी ड्राइवर है।डीजीपी ने एक बार फिर लोगों को जबरन वसूली के फर्जी कॉलों से सावधान रहने के लिए आगाह किया और आग्रह किया कि जब भी उन्हें ऐसा कोई फोन आए तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। हाल ही में हुई एक जांच में गैंगस्टरों के नाम से रंगदारी मांगने के ज्यादातर कॉल फर्जी निकले।अधिक जानकारी देते हुए एआईजी एसएसओसी एसएएस नगर अश्विनी कपूर ने कहा कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी सूरज जब घरों, दुकानों या कंपनियों में एसी की मरम्मत के लिए जाता था, तब रंगदारी कॉल करने के लिए संपन्न लोगों को निशाना बनाता था। उन्होंने कहा कि दोनों मोबाइल फोन को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपियों ने और कितने व्यक्तियों ने ऐसी कॉल की है या नहीं। पुलिस स्टेशन एसएसओसी में आरोपियों के खिलाफ धारा 384 और 120 के तहत मामला दर्ज किया गया है।जिस घर में एसी ठीक करता, उसे ही बनाता था निशानाएसएसओसी के एआईजी अश्विनी कपूर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी सूरज जब घरों, दुकानों या कंपनियों में एसी की मरम्मत के लिए जाता था तो अपना शिकार तय कर लेता था। घर के हालात देखकर वह आरोपियों से रंगदारी की रकम निर्धारित करता था। पुलिस ने उनके दोनों मोबाइल फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिए हैं। पुलिस रिमांड में यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि आरोपियों ने और किस-किस से रंगदारी मांगी है।
