चंडीगढ़ 21 जून (Geenews Network)

पंजाब में करप्शन के केस में 2008 बैच के सीनियर IAS अफसर संजय पोपली को गिरफ्तार किया है। पोपली के साथ सीवरेज बोर्ड के सुपरिटेंडिंग इंजीनियर संदीप वत्स को भी पकड़ा गया है। संजय पोपली ने सीवरेज बोर्ड में रहते 7.3 करोड़ के सीवरेज प्रोजेक्ट में 1% कमीशन मांगा था। इसकी पहली किश्त दे दी गई थी। हालांकि दूसरी किश्त का दबाव डाले जाने पर उनकी शिकायत विजीलेंस तक पहुंच गई। जिसके बाद सोमवार देर रात पोपली को चंडीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया गया। इन दोनों को आज मोहाली कोर्ट में पेश किया गया जहां उन्हें चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।

3.50 लाख की दूसरी किस्त मांगी तो की रिकार्डिंग

विजिलेंस के मुताबिक पोपली इसके बाद पोपली बकाया 3.50 लाख रुपए मांगने लगे। जिसके बाद ठेकेदार ने इसकी कॉल रिकॉर्ड कर ली और उसे मुख्यमंत्री की एंटी करप्शन हेल्पलाइन में भेज दिया। मामला सही होने पर विजिलेंस ने पोपली को उनके चंडीगढ़ के सेक्टर 20 स्थित घर से गिरफ्तार कर लिया । उनके साथी आरोपी संदीप वत्स को जालंधर से गिरफ्तार किया गया।

नवांशहर के करियाम रोड व मुसापुर रोड पर करीब 7 करोड़ रुपये की लागत से सीवरेज प्रोजेक्ट पर चल रहा है जिस का करीब 40 % काम पूरा हो चुका है। कुछ समय पहले तक सीवरेज बोर्ड में सीईओ के पद पर तैनात आईएएस संजय पोपली ने ठेकेदार संजय कुमार से एक फीसदी के हिसाब से सात लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। ठेकेदार संजय कुमार ने बताया कि इसमें से साढे़ तीन लाख रुपये संजय पोपली को जनवरी 2022 में दे दिए थे लेकिन अब कुछ समय से वह बाकी के साढे़ तीन लाख रुपये देने का दबाव बना रहे थे।

पोपली के समय जारी सभी टेंडरों पेमेंट की होगी जांच

पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने पंजाब जल सप्लाई और सीवरेज बोर्ड के उन सभी टेंडरों और पेमेंट की जांच शुरू कर दी है जोकि आईएएस अधिकारी संजय पोपली के बोर्ड के सीईओ रहते तैनात किए गए। सूत्रों का कहना है कि पोपली के खिलाफ दो ओर नई शिकायतें मिली है जिन की जांच शुरू कर दी गई है। ध्यान रहे कि विजिलेंस ब्यूरो संजय पोपली को नवांशहर में सीवरेज पाइप लाइन डालने के टेंडरों को मंजूरी देने के लिए रिश्वत के तौर पर एक फीसदी कमीशन की मांग करने के दोष में गिरफ्तार किया है। पोपली के साथ उनके सहायक सचिव संदीप वत्स को भी गिरफ्तार किया गया है।

दोनों आरोपियों को चार दिन का रिमांड

संजय पोपली को मोहाली की जिला अदालत में एडिशनल सिविल जज सीनियर डिवीजन सोनाली सिंह की अदालत में पेश किया गया। सरकारी पक्ष की ओर से पोपली का सात दिन का रिमांड मांगा गया। लेकिन अदालत की ओर से चार दिन के रिमांड पर भेजा गया। बचाव पक्ष ने कहा कि पोपली को जानबूझ कर इस मामले में फंसाया जा रहा है। जबकि उनके पास से कुछ भी रिकवर नहीं हुआ है। सरकारी पक्ष ने कहा कि पोपली के बैंक खातों सहित आदि की जांच करनी है। इस लिए रिमांड दिया जाए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पोपली को पुलिस रिमांड पर भेज दिया।यह है मामला हरियाणा के करनाल के शिकायतकर्ता संजय कुमार, जोकि दिखादला कोआपरेटिव सोसायटी लिमिटेड नाम की एक फर्म के साथ एक सरकारी ठेकेदार है ने भ्रष्टाचार विरोधी हेल्पलाइन पर शिकायत की। शिकायत में कहा कि संजय पोपली आईएएस जब मुख्य कार्यकारी अधिकारी ( सीईओ) पंजाब जल सप्लाई और सीवरेज बोर्ड के तौर पर तैनात थे, ने अपने सहायक सचिव संदीप वत्स की मिलीभगत से 7.30 करोड़ रुपए के टेंडर क्लियर करने के लिए रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि 12 जनवरी, 2022 वाले दिन संदीप के व्हाट्सप से उसको काल आई। जिसमें संजय पोपली की तरफ से टेंडर अलाटमेंट के लिए 7 लाख रुपए ( 7 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट का 1 फीसद) की रिश्वत की मांग की गई थी। उसने डर कर अपने पीएनबी खाते में से 3. 5 लाख रुपए निकलवा कर सेक्टर-20, चंडीगढ़ में एक कार में संदीप वत्स को दे दिए। उसने बताया कि रकम प्राप्त करने के बाद संदीप वत्स ने संजय पोपली को उसके व्हाट्सएप नंबर पर कॉल करके पुष्टि भी की और अपने लिए भी 5000 रुपए लिए थे। शिकायतकर्ता ने संजय पोपली के नाम पर संदीप वत्स की तरफ से बार-बार मांगे जा रहे बकाया 3. 5 लाख रुपए देने से इंकार कर दिया था। शिकायतकर्ता ने सारी बातचीत की वीडियो रिकार्डिंग भी बना कर विजिलेंस ब्यूरो को सौंप दी ।

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