मेरे लिए पंजाबियत और इंसानियत अहम, जो भी राजनीति करना चाहते हैं, उनको शर्म आनी चाहिए
चंडीगढ़ 3मई (Geenews Network)
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्वर्गीय गायक के पैतृक गाँव में परिवार के साथ दु:ख बांटा और कहा कि गायक शुभदीप सिंह उर्फ सिद्धू मूसेवाला के कातिल जल्द सलाखों के पीछे होंगे। परिवार के साथ दु:ख साझा करने के लिए सिद्धू मूसेवाला के पैतृक गाँव पहुंचे मुख्यमंत्री ने पीडि़त परिवार को भरोसा दिया कि पुलिस को सिद्धू मूसेवाला के कत्ल संबंधी अहम सबूत मिले हैं और वह दिन दूर नहीं जब इस घृणित कत्ल के दोषियों को पकड़ लिया जायेगा।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ने कहा कि सिद्धू एक प्रतिभाशाली कलाकार था, जिसके पास हरेक को मनमोहक करने आवाज़ और कमाल की सृजनात्मकता थी। उन्होंने कहा कि मूसेवाला की अचानक और दु:खद मौत से संगीत जगत को ख़ास तौर पर उसके प्रशंसकों को बड़ा झटका लगा है। भगवंत मान ने पीडि़त परिवार को भरोसा दिया कि इस दुख की घड़ी में राज्य सरकार उनके साथ खड़ी है और सिद्धू मूसेवाला के कातिलों को जल्दी से जल्दी पकडऩे में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जायेगी। पंजाबियत और इंसानियत को अपनी सबसे पहली प्राथमिकता बताते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में राजनीति करने वालों को शर्म आनी चाहिए। भगवंत मान ने चिंता प्रकटायी कि कुछ लोग इस युवा गायक की दुखद हत्या पर बेशर्मी से राजनीति कर रहे हैं, जो अनावश्यक और ऐतराज य़ोग्य है। उन्होंने कहा कि यह वही लोग हैं, जो पहले इस महान गायक की अलग-अलग मसलों पर ज़ोर-शोर से आलोचना करते थे परन्तु अब घटिया प्रचार के लिए मगरमच्छ के अश्रु बहाव रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग पहले ही ऐसे तथाकथित चौधरी नेताओं के भद्दे हथकंडों से वाकिफ़ हैं और वह इनके छलावे में नहीं आऐंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने डी.जी.पी. को पहले ही इस केस की जांच तेज़ करने के लिए कह दिया है जिससे दोषियों को पकड़ा जा सके। भगवंत मान ने यह भी कहा कि परिवार की माँग पर उन्होंने पहले ही इस मामले की हाई कोर्ट के मौजूदा जज के नेतृत्व में न्यायिक जांच के लिए कार्यवाही आरंभ कर दी है। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार इस कत्ल के अपराधियों को पकडऩे के लिए शुरू से पूरे ज़ोर -शोर से कोशिशें कर रही है। सिद्धू मूसेवाला की हत्या पर दुख प्रकट करते हुये भगवंत मान ने कहा कि यह मौत राज्य के लिए बड़ा घाटा है और परमात्मा से बख़्शीश प्राप्त इस कलाकार की हत्या से जो घाटा पड़ा है, उसे कभी भरा नहीं जा सकता। मुख्यमंत्री ने परमात्मा के आगे अरदास की कि वह दिवंगत आत्मा को अपने चरणों में निवास प्रदान करें और पीछे रहे परिवार को ईश्वरीय आदेश मानने का हौंसला प्रदान करें।

