
चंडीगढ़, 5 जून (Geenews Network): राज्य को हरा-भरा और सेहतमंद बनाने के लिए कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए पंजाब सरकार ने आगामी जुलाई महीने से एक बार प्रयोग में आने वाले प्लासिटक (सिंगल यूज प्लास्टिक) पर पाबंदी लाने का ऐलान किया है। विश्व पर्यावरण दिवस-2022 को मनाने के लिए वर्चुअल तौर पर हुए राज्य स्तरीय समागम के दौरान विज्ञान, प्रौद्यौगिकी और पर्यावरण के सचिव राहुल तिवाड़ी ने राज्य में पर्यावरण की सुरक्षा के लिए राज्य सरकार के फ़ैसले का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि पंजाब को हरा-भरा और सेहतमंद बनाने के लिए जुलाई 2022 से सिंगल यूज प्लास्टिक पर पाबंदी लगाई जायेगी। राज्य भर में 55 एस.टी.पीज़ स्थापित करने का ऐलान करते हुये सचिव ने बताया कि यह अत्याधुनिक प्लांट जल प्रदूषण के स्तर को कुछ हद तक घटाने के साथ-साथ संशोधित पानी की खेती और अन्य सहायक धंदों के लिए प्रयोग करेंगे। जैविक ईंधन आधारित औद्योगिक इकाईयों को कुदरती गैस आधारित इकाईयों में तबदील करने के लिए राज्य सरकार की पहलकदमियों के बारे बोलते हुये उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने औद्योगिक इकाईयों में अत्याधुनिक मीटर लगा कर औद्योगिक इकाईयों की ऑनलाइन निगरानी शुरू की है और साथ ही इसकी जांच करने के लिए ऑनलाइन निगरानी स्टेशन भी शुरू किये हैं जिससे पानी और हवा के प्रदूषण का स्तर घटाया जा सके। राहुल तिवाड़ी ने बताया कि इस साल 1.20 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया है और कार्बन उत्सर्जन को घटाने के लिए ‘क्लाइमेट एक्शन प्लान 2.0’ तैयार है। एक अन्य पहलकदमी में सचिव ने पर्यावरण के संरक्षण और राज्य के बहुमूल्य कुदरती साधनों के संरक्षण में शानदार योगदान के लिए मौजूदा वर्ष से ‘शहीद भगत सिंह पंजाब राज्य पर्यावरण पुरुस्कार’ देने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि यह पुरुस्कार कुदरती संसाधनों की संभाल के लिए व्यक्तियों /संस्थाओं की तरफ से की गई बेमिसाल मेहनत का सम्मान होगा। राहुल तिवाड़ी ने कहा कि यह अवार्ड धरती के महान सुपुत्र और महान शहीद भगत सिंह के नाम पर रखा जायेगा, जिन्होंने देश को विदेशी साम्राज्यवाद के चंगुल से मुक्त करवाने के लिए अपनी जान न्यौछावर कर दी।

