मोहाली 16 नवम्बर(Geenews Network) -मोहाली अदालत ने कथित रिश्वतखोरी के मामले में पूर्व कैबिनेट मंत्री सुंदर श्याम अरोड़ा की नियमित जमानत याचिका बुधवार को खारिज कर दी। अरोड़ा को अदालत ने 19 अक्टूबर को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था, जिसके बाद उन्होंने 11 नवंबर को नियमित जमानत के लिए याचिका लगाई थी, जिस पर आज सुनवाई हुई। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने अपने तर्क में नियमित जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि अरोड़ा जांच अधिकारियों को प्रभावित कर सकते हैं और जांच मामले में हस्तक्षेप कर सकते हैं। विजिलेंस की ओर से दी गई दलीलों को सही ठहराते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश परमिंदर सिंह ग्रेवाल की अदालत ने जमानत याचिका खारिज कर दी। वहीं, याचिका खारिज होते ही आरोड़ा के वकील ने नए तौर पर मोहाली अदालत में जमानत याचिका दायर की है, जिस पर 23 नवंबर को सुनवाई होगी।
पूर्व कैबिनेट मंत्री सुंदर श्याम अरोड़ा को विजिलेंस टीम ने जीरकपुर से गिरफ्तार किया था। अरोड़ा को विजिलेंस टीम ने जीरकपुर में विजिलेंस के एक एआइजी मनोहर कुमार को 50 लाख रुपये रिश्वत देते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। अरोड़ा की मनोहर कुमार के साथ अच्छी जान पहचान थी। इसी वजह से अरोड़ा ने मनमोहन से संपर्क साधा। बातचीत करने के लिए 14 अक्टूबर को अरोड़ा चंडीगढ़ में मनमोहन कुमार से मिले। इस दौरान उन्होंने आय से अधिक मामले में केस रफादफा करने के लिए एक करोड़ की आफर दी थी। रिश्वत देते समय उनके साथ मौजूद उनके पीए मनी को भी गिरफ्तार किया गया था। पहली किश्त के रूप में वह 50 लाख रुपये देने पहुंचे थे। विजिलेंस टीम ने उस समय पूर्व कैबिनेट मंत्री सुंदर श्याम अरोड़ा का पासपोर्ट भी जब्त किया था।

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