दीपक गर्ग को जांच में शामिल होने के लिए भेजा नोटिस

दीपक ने विजिलेंस को फोन पर कहा वह दिल्ली में है, जल्द जांच के लिए विजिलेंस के सामने होगा पेश

मोहाली 20 अक्तूबर (Geenews Network) – 50 लाख रुपये की रिश्वत मामले में गिरफ्तार पूर्व मंत्री सुंदर श्याम अरोड़ा के मामले में दीपक गर्ग नाम के व्यक्ति का नाम सामने आ रहा है। विजिलेंस अनुसार जिस कार में सुंदर श्याम अरोड़ा 50 लाख रूपये लेकर आया था, वह गाड़ी दीपक गर्ग की थी। विजिलेंस ने दीपक गर्ग को भी जांच में शामिल होने के लिए नोटिस भेजा था लेकिन दीपक गर्ग ने विजिलेंस को फोन पर बताया कि वह दिल्ली में है और जल्द ही विजिलेंस टीम के सामने पेश होकर उनके सवालों के जवाब देगा। अरोड़ा के घर से मिली थी नोट गिनने वाली मशीन विजिलेंस को उक्त गाड़ी से रीयल स्टेट के साथ संबंधित कुछ नक्शे भी बरामद हुए थे और आरोड़ा ने विजिलेंस पूछताछ में इस बात को कबूल किया था कि उसकी कुछ प्रोपर्टी देवी दियाल, दीपक गर्ग, मनमोहन कपूर व शादी लाल के साथ सांझी है लेकिन उक्त जायदाद कहां है, इस बारे उसने कोई जानकारी नहीं दी थी। विजिलेंस ने जब सुंदर श्याम अरोड़ा के घर की तलाशी ली थी, तो उन्हें सिर्फ नोट गिनने वाली मशीन ही बरामद हुई थी। हालांकि विजिलेंस ने अदालत में रिमांड मांगते समय यह तर्क रखे थे और कहा था कि वह जांच में सहयोग नहीं कर रहा लेकिन अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत भेज दिया था। पूर्व मंत्री के पीए व ड्राइवर के दर्ज हुए 164 के बयान विजिलेंस ने पूर्व मंत्री सुंंदर श्याम अरोड़ा के पीए मनी सिद्धू व ड्राइवर धर्म सिंह के जहां 161 के बयान दर्ज कर लिए हैं, वहीं दोनों ने अदालत में 164 के तहत बयान भी दर्ज करवा दिए हैं। विजिलेंस अनुसार मनी सिद्धू ने उनको बताया कि पूर्व मंत्री ने एयरपोर्ट रोड पर गाड़ी बदली थी और अपनी गाड़ी से उसको एक बैग दीपक गर्ग की गाड़ी में रखने के लिए कहा था और उक्त बैग को लेकर वह जीरकपुर में कोसमो माल की पार्किंग में गए थे। रडार पर कई बिल्डर सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार मोहाली जिले के कई बिल्डर विजिलेंस की रडार पर आ गए हैं। विजिलेंस को पता चला है कि मोहाली जिले में स्थित मारबेला ग्रैंड, वाइट सिटी, चप्पड़चिड़ी स्थित बिल्डर व मुल्लांपुर के बिल्डर भी पूर्व मंत्री सुंदर श्याम अरोड़ा के साथ प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर कारोबार में सांझ करते थे और इन बिल्डरों में से ही एक बिल्डर की गाड़ी पैसों के लेन-देन के मामले में इस्तेमाल की गई थी। आने वाले दिनो में उक्त बिल्डरों को विजिलेंस किसी भी समय पूछताछ के लिए बुला सकती है और इसके अलावा पीएसआईसी में हुए घोटाले की जांच में बिल्डरों के अलावा कुछ अधिकारियों पर भी शिकंजा कसा जा सकता है।

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