चंडीगढ़, 20 अक्टूबर (Geenews Network) भारतीय जनता पार्टी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से पीएयू के कुलपति की नियुक्ति के मुद्दे को अपने अहम का सवाल ना बनाने और इसकी अवैधता को स्वीकार करने के लिए कहा है।प्रदेश भाजपा महासचिव डॉ सुभाष शर्मा ने मुख्यमंत्री मान से जो नामुमकिन है, उसके लिए प्रयास ना करने को कहा है। जिन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा राज्यपाल की ओर से उप कुलपति की नियुक्ति के अवैध और यूजीसी के नियमों के विपरीत होने के चलते उन्हें हटाने के लिए कहने के बाद गवर्नर को पत्र लिखा है।भाजपा नेता ने कहा कि इस पर कोई शक नहीं है कि पीएयू की बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के पास उप कुलपति की नियुक्ति का अधिकार है, लेकिन यहां एक अन्य शर्त भी है कि यदि वह 2 महीने के अंदर कोई फैसला नहीं ले पाती है, तो मामले को चांसलर के पास रेफर किया जाना चाहिए, जो कि राज्यपाल हैं।उन्होंने कहा कि सिर्फ 2 महीने ही नहीं बल्कि एक साल से अधिक समय बीत गया था, जबकि बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट उप कुलपति के नाम को फाइनल नहीं कर सकी थी, जिसके चलते मामले को चांसलर के पास रेफर किया जाना चाहिए था, जो आप सरकार ने नहीं किया। वह हैरान हैं कि क्यों मुख्यमंत्री इसे अपने अहम का मुद्दा बना रहे हैं?भाजपा महासचिव ने कहा कि यह पहली बार नहीं हुआ है कि आम आदमी पार्टी सरकार की गलती पकड़ी गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से कहा कि आप नियमों और प्रावधानों का पालन नहीं करते, बल्कि अरविंद केजरीवाल और राघव चड्ढा के कहने पर चलते हो। यहां तक कि अदालतों द्वारा सरकार की कार्यप्रणाली के खिलाफ फैसले दिए जा चुके हैं, क्योंकि वह नियमों और प्रावधानों का सही तरीके से पालन नहीं कर रही।डा. शर्मा ने कहा कि आप अपना घर ठीक करने की बजाय, गलत तरीके से राज्यपाल पर आरोप लगाने का प्रयास कर रहे हो, जो राज्य के संविधानिक प्रमुख हैं और राज्य में कानून का पालन करवाने के लिए जिम्मेदार हैं। राज्यपाल के संविधानिक अधिकार को नीचा दिखाकर, आप वास्तव में संविधान निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर की बेइज्जती कर रही हैं।
