-दोनों वकीलों में जमकर हुई बहस, अदालत को फैसला सुनाने में लगा चार घंटे का समय

फाइल फोटो आशीश कपूर

मोहाली 7 अक्तूबर (Geenews Network) – एक करोड़ रूपये के रिश्वत मामले में गिरफ्तार एआइजी आशीष कपूर और एएसआई हरविंदर सिंह को शुक्रवार को मोहाली कोर्ट में पेश किया। विजिलैंस दोनों को दोपहर ढाई बजे मोहाली कोर्ट लेकर पहुंची। मामले की सुनवाई सिविल जज वैष्णवी सिक्का की अदालत में हुई, जहां दोनों पक्षों के वकीलों में जमकर बसह हुई। बहस के बाद अदालत ने पहले फैसला सुरक्षित रख लिया लेकिन शाम साढ़े 6 बजे अदालत ने दोनों को मंगलवार तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया। इन दलीलों पर हुई बहस एआईजी आशीष कपूर के कैस की पैरवी प्रदीप सिंह विर्क कर रहे थे। उन्होंने अदालत को तर्क दिया कि विजिलेंस ने जो एफआईआर दर्ज की है उसमें खुद डीएसपी शिकायतकर्ता है और वही मामले की जांच कर रहे हैं। कानून अनुसार जो शिकायतकर्ता है वह जांच नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि इस मामले में एसआईटी बनाई गई थी जिसमें दो एडीजीपी रैंक के अधिकारियों ने जांच की थी और वह एआईजी अशीष कपूर को क्लीन चिट दे चुके हैं। वहीं, विजिलेंस के डीएसपी रैंक का अधिकारी एडीजीपी रैंक के अधिकारी की जांच को गलत साबित कर एफआइआर दर्ज कर रहा है। उन्होंने अदालत को यह भी बताया कि जो एफआईआर दर्ज हुई है वह भरोसे योग सूत्रों के अनुसार दर्ज की गई है। वहीं एडवोकेट विर्क ने कहा की अशीष कपूर को एफआइआर में वीरवार दोपहर साढ़े 12 बजे गिरफ्तार हुआ दिखाया है कि और उसे विजिलेंस ने 24 घंटे में पेश नहीं किया। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों अनुसार एफआईआर दर्ज होने के बाद गिरफ्तार व्यक्ति को 24 घंटे के अंदर कोर्ट में पेश किया जाना चाहिए। वहीं, दूसरी तरफ पब्लिक प्रोसीक्यूटर ने अदालत को कहा कि एआईजी आशीष कपूर ने महिला से 11 चेक लिए थे जिसके माध्यम से उसने 1 करोड़ रूपये अपने जानकारों के खातें में ट्रांसफर करवाए और फिर वह रकम निकालकर खुद रख ली। उन्होंने कहा कि महिला के साथ संपर्क में रहते हुए वह उसे दिल्ली, करनाल व कई अन्य जगह मिला जिसकी सीसीटीवी फुटेज निकलवानी है इसलिए उन्हें पुलिस रिमांड की जरूरत है। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद उन्हें मंगलवार तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया। क्या है मामला आशीष कपूर वर्ष 2016 में अमृतसर की केंद्रीय जेल में बतौर सुपरिंटेंडेंट तैनात था। वहां कपूर की जान-पहचान हरियाणा के कुरुक्षेत्र की पूनम राजन से हुई, जिसे कोर्ट ने धोखाधड़ी के एक मामले में न्यायिक हिरासत में भेजा था। पूनम राजन को जीरकपुर थाने में दर्ज धोखाधड़ी के मामले में रिमांड पर लिया गया। इस दौरान पूनम की मां प्रेम लता, भाई कुलदीप सिंह और भाभी प्रीति भी पुलिस रिमांड पर थे। तब आशीष कपूर थाना जीरकपुर में गया और उसने पूनम की मां प्रेम लता को जमानत दिलाने और बरी कराने में मदद के लिए पैसे की मांग की। कपूर ने पूनम की भाभी प्रीति को बेकसूर करार कर दिया। इसके बदले कपूर ने एक करोड रुपये लिए।

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