7 राज्यों के लोगों को मिलेगा होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल के अत्याधुनिक सेवाओं का लाभ।
सुबह के 9:00 बजे से लेकर शाम के 5:00 बजे तक है ओपीडी का टाइम।
मोहाली 17 अगस्त (Geenews Network) :- न्यू चंडीगढ़ मुल्लापुर मे बने कैंसर हॉस्पिटल ने अपनी प्रथम चरण की सेवाएं पहले ही देनी शुरू कर दी थी । शुरुआत मे हॉस्पिटल की तरफ से मरीज़ो के लिए ओपीडी, रेडियोलॉजी, रेडियोथैरेपी, जैसी कई सेवाएं शुरू कर दी है। होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल का लाभ पंजाब के साथ साथ जम्मू एंड कश्मीर, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के लोगों को भी मिलेगा। अभी हॉस्पिटल का पहला ही चरण शुरू किया गया है। बुधवार को मीडिया मे दिन भर चर्चा चल रही है कि आने वाली 24 अगस्त को देश के प्रधानमंत्री नरिंदर मोदी होमी बाबा कैंसर हॉस्पिटल का आधिकारिक तौर पर उद्घाटन करेंगे। जिससे हॉस्पिटल मे मरीजों को देने वाली सभी प्रकार की अत्याधुनिक सुविधाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी
होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर की नींव दिसंबर 2013 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह के द्वारा रखी गई थी l जो कि पहले नवंबर 2021 एवं बाद में जनवरी 2022 में शुरू होना था। यह अस्पताल न्यू चंडीगढ़ के मेडिसिटी में 663.74 करोड़ रुपये की लागत से उत्तरी भारत का सबसे अत्याधुनिक सुविधाओं वाला कैंसर हॉस्पिटल है। जोकि लग भाग 50 एकड़ भूमि में बना हुआ है । यह अस्पताल उत्तरी भारत के कैंसर के मरीजों के लिए 300 बेड का अस्पताल है। जिसका पंजाब, हिमाचल, हरियाणा, जम्मू कश्मीर, राजस्थान, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश जैसे सात राज्यों को लाभ मिलना है। पहले चरण की सेवाएं इस अस्पताल में शुरू कर दी गई है। इसमें रेडियोलॉजी, रेडियोथेरेपी, मेडिकल ऑंकोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी एवं प्रीवेंटिव ऑंकोलॉजी की सेवाएं अभी लोगो को मिल रही है।
अस्पताल केंद्र सरकार की तरफ से शुरू किया गया है। और इस अस्पताल का हर एक कार्य की निगरानी प्रधानमंत्री के ऑफिस के द्वारा की जाती है अभी इस इस संस्थान मे 40 डॉक्टरों की टीम काम कर रही है। जो की जरुरत के अनुसार बढ़ती रहेगी। अभी हॉस्पिटल में रोजाना 25 से 30 मरीजों को देखा जा रहा है । आगे आने वाले समय में यह हॉस्पिटल उत्तर भारत के कैंसर मरीजों के लिए एक वरदान साबित होगा। यहां पर कैंसर बीमारी से सम्बंधित इलाज के अलावा रिसर्च एवं शिक्षा का काम भी किया जाएगा। जिससे इलाके के लोगों को कैंसर के इलाज के अलावा इसकी रोकथाम संबंधी रिसर्च में भी सहायता मिलेगी। गरीब मरीजो के लिए सरकार की बिभिन्न योजनाओं के तहत मुफ्त इलाज की व्यवस्था भी होंगी
