पारंपरिक प्लास्टिक पाउच की तुलना में 2 रुपये प्रति लीटर सस्ता मिलेगा दूध
साहिबजादा अजीत सिंह नगर(मोहाली), 7 जून (GeenewsNetwork):

विश्व पर्यावरण दिवस को समर्पित करते हुए पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) के क्षेत्रीय कार्यालय, मोहाली ने वेरका मिल्क प्लांट, मोहाली के सहयोग से एटीएस कासा एस्पाना, मोहाली में मोबाइल मिल्क वेंडिंग वैन की शुरुआत की। इस पहल का उद्देश्य एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक दूध पाउचों से उत्पन्न होने वाले प्लास्टिक कचरे को कम करना तथा टिकाऊ उपभोग की आदतों को बढ़ावा देना है।यह पहल पीपीसीबी द्वारा सिंगल यूज़ प्लास्टिक (एसयूपी) के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत लोगों को जीवनशैली में ऐसे सरल बदलाव अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है जो स्रोत स्तर पर प्लास्टिक कचरे को कम करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। चूंकि दूध लगभग हर घर में दैनिक उपयोग की वस्तु है, इसलिए इसकी पैकेजिंग में प्लास्टिक के उपयोग में मामूली कमी भी शहर और राज्य स्तर पर पर्यावरण को बड़ा लाभ पहुंचा सकती है।इस अभियान के अंतर्गत “दूध वही, प्लास्टिक नहीं” संदेश के साथ निवासी मोबाइल वेंडिंग वैन से ताजा वेरका दूध 64 रुपये प्रति लीटर की रियायती दर पर खरीद सकेंगे, जबकि पारंपरिक प्लास्टिक पाउच में यही दूध 66 रुपये प्रति लीटर की दर से उपलब्ध है।

कम कीमत पर दूध उपलब्ध कराकर उपभोक्ताओं को अपने पुन: उपयोग योग्य बर्तन, बोतल या अन्य पात्र साथ लाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे एक समय में प्रचलित रही टिकाऊ परंपरा को पुनर्जीवित किया जा सके।वेंडिंग मशीन की क्षमता लगभग 300 लीटर है और इसे प्रतिदिन एटीएस कासा एस्पाना में तैनात किया जाएगा। पूर्ण क्षमता पर संचालन होने की स्थिति में यह पहल केवल एक आवासीय सोसायटी में प्रतिदिन लगभग 600 प्लास्टिक दूध पाउचों के उपयोग को समाप्त कर सकती है। अनुमान के अनुसार यदि कोई परिवार प्रतिदिन 2 लीटर दूध इस प्रणाली के माध्यम से खरीदता है, तो वह प्रतिवर्ष लगभग 4 किलोग्राम प्लास्टिक कचरे को उत्पन्न होने से रोक सकता है। यदि इस मॉडल को अनेक आवासीय सोसायटियों में लागू किया जाए तो प्लास्टिक कचरे के संग्रहण, प्रसंस्करण और निपटान की आवश्यकता में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।पीपीसीबी के अधिकारियों ने कहा कि प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने के लिए बेहतर अपशिष्ट प्रबंधन प्रणालियों के साथ-साथ उपभोक्ताओं के दैनिक व्यवहार में बदलाव भी आवश्यक है। यदि यह पायलट परियोजना सफल रहती है तो पीपीसीबी वेरका के साथ मिलकर इस पहल का विस्तार मोहाली की अन्य आवासीय सोसायटियों तथा बाद में पंजाब के अन्य शहरों और कस्बों तक करने के लिए कार्य करेगा। इसके लिए अतिरिक्त मोबाइल वेंडिंग वैन अथवा वेरका के मौजूदा वितरण केंद्रों पर स्थायी वेंडिंग इकाइयां स्थापित की जा सकती हैं, जिससे सिंगल यूज़ प्लास्टिक दूध पैकेजिंग से दीर्घकालिक और व्यवस्थित रूप से छुटकारा पाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सके।रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) तथा हाउसिंग सोसायटियां, जो अपने क्षेत्रों में ऐसी दूध वेंडिंग सुविधा स्थापित करवाने में रुचि रखती हैं, अधिक जानकारी एवं सहयोग के लिए पीपीसीबी से संपर्क कर सकती हैं।

