-बैरक बदलने की याचिका पर जेल अधिकारी ने बंद लिफाफे में पेश किया जवाब
मोहाली,25 जुलाई (Geenews network )
आय से अधिक संपत्ति मामले में नामजद पूर्व अकाली मंत्री बिक्रमजीत सिंह मजीठिया की जमानत याचिका पर अतरिक्त जिला एवं सेशन जज हरदीप सिंह की अदालत में सुनवाई हुई लेकिन आज भी अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया। वहीं, जमानत याचिका के साथ विक्रम मजीठिया की नाभा जेल में ऑरेंज सुरक्षा के मद्देनजर बैरक बदलने की मांग सबंधी पहले से दी गई याचिका पर भी आज सुनवाई हुई। शुक्रवार दोपहर लगभग डेढ़ बजे से पौने 3 बजे तक दोनों पक्षों के वकीलों में जमकर बहस हुई।
आज की सुनवाई में मजीठिया की ओर से उनके वकील अर्शदीप सिंह कलेर, दमनवीर सिंह सोबती व हरनीत सिंह धनोआ पेश हुए जबकि विजिलेंस विभाग की ओर से सरकारी वकील प्रीत इंद्रपाल सिंह व फेरी सोफत पेश हुए। हर्षदीप सिंह कलेर ने मीडिया को बताया कि 22 जुलाई को जमानत पर सुनवाई के दौरान मजीठिया की जमानत अर्जी पर विजिलेंस ने और समय मांगा था। वहीं जेल में सुरक्षा के बारे में अदालत ने एडीजीपी जेल को जेल मैन्युअल के तहत ऑरेंज कैटेगरी के बारे में अदालत को लिखित जवाब देने के लिए निर्देश जारी किए थे, जिस पर सुनवाई दौरान बिजनेस ब्यूरो के एआईजी स्वर्णदीप सिंह व जेल अधिकारी भी मौजूद थे। एडवोकेट कलेर ने जेल मैन्युअल की सेक्शन-20 का हवाला देते कहा कि जेल अधिकारी ने ढाई बजे बंद लिफाफे में जवाब पेश किया और उन्होंने उसकी अदालत से कॉपी मांगी है। कलेर ने कहा कि उधर विजिलेंस ने अदालत से और समय मांगा है जोकि गलत है क्योंकि वह पहले भी दो बार समय मांग चुके है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मजीठिया की जमानत याचिका पर अगली सुनवाई 30 जुलाई तय की है जबकि जेल बैरक बदलने की याचिका पर 2 अगस्त को सुनवाई होगी । इसी दिन मजीठिया को दोबारा सुनवाई के लिए मोहाली अदालत में पेश किया जाना है।
बता दें कि 22 जुलाई को मजीठिया की तीन याचिकाओं पर जिला अदालत में सुनवाई हुई थी।
मजीठिया के वकील की ओर से गिरफ्तारी के कारण (ग्राउंड ऑफ अरेस्ट) व जेल मैनुअल की कॉपी मांगी गई थी जो उन्हें पिछली सुनवाई पर अदालत ने मुहैया करवा दी थी। जबकि बैरक बदलने व जमानत याचिका पर अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। पिछली सुनवाई पर सरकारी वकील ने कि बैरक बदलने की याचिका पर अदालत को बताया था कि मजीठिया की ओर से जेल अधीक्षक को ऐसी कोई शिकायत नहीं दी गई है और जेल में उनकी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं। अदालत ने उनके जवाब की कॉपी एडीजीपी जेल को सौंपकर जेल नियमों के बारे में जवाब मांगा था। वहीं, अदालत को बताया था कि ग्राउंड ऑफ अरेस्ट और जेल नियमों की कॉपी विपक्ष को पहले ही दी जा चुकी है। मजीठिया की जमानत याचिका पर उनका जवाब था कि बेल एप्लीकेशन 630 पेजों की है जिसका जवाब देने में समय लगता है आज भी उन्होंने यही दलील पेश कर अदालत से समय मांगा है।
