गैर कानूनी गतिविधियों में शामिल आरोपी ने एनआईए कोर्ट में लगाई थी याचिका
मोहाली12 नवम्बर (हप्र)गैर कानूनी गतिविधियों में शामिल कुलविंदर जीत सिंह ने जेल परिसर में स्थित गुरुद्वारा साहिब में जाने की अनुमति व अपने सेल में रेडियो व टीवी सुनने और देखने की अनुमति के लिए अपने वकील के माध्यम से याचिका दायर की थी। इस मामले में जिला जेल श्री मुक्तसर साहिब के अधीक्षक ने अपना जवाब दाखिल करते हुए कहा कि आरोपी कुलविंदरजीत सिंह को उच्च सुरक्षा जेल में रखा गया है। पंजाब सरकार और मुख्य कार्यालय (जेल) पंजाब (चंडीगढ़) के निर्देशों के अनुसार उच्च सुरक्षा क्षेत्र में बंद कैदियों को रोजाना गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने के लिए नहीं भेजा जा सकता। हालांकि, ऐसे कैदियों की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए, उन्हें धार्मिक समारोहों, संग्राद और त्योहारों के अवसर पर गुरुद्वारा साहिब भेजा जाता है। टेलीविजन और रेडियो उपलब्ध कराने की सुविधा के संबंध में उन्होंने दलील दी कि आरोपी के ब्लॉक में टेलीविजन की सुविधा पहले से ही प्रदान की गई है, जहां वह दिन के दौरान टेलीविजन देख सकता है। रेडियो की सुविधा के संबंध में दिन के दौरान आरोपी के सेल में मार्च 2024 में स्थापित स्पीकरों के माध्यम से गुरबानी पाठ की सुविधा प्रसारित की जा रही है। उपर्युक्त रिपोर्ट के मद्देनजर, चूंकि आवेदक द्वारा मांगी गई सुविधाएं पहले से ही उसे प्रदान की जा रही हैं, इसलिए इस याचिका को दोबारा से मानना उचित नहीं है। अदालत ने आरोपी की इस याचिका को रद्द कर दिया।
बता दें कि वर्ष 2020 में राजा सांसी अमृतसर (ग्रामीण) थाने के एसएचओ अपनी पुलिस पार्टी के साथ कुक्करावाला स्टॉप पर मौजूद थे। करीब पौने 5 बजे एक मोटरसाइकिल बिना नंबर प्लेट जिसे एक सिख युवक चला रहा था और एक अन्य सिख युवक जो उसके पीछे बैठा था, अजनाला की तरफ से आए। दोनों सिख युवकों ने दुमाला पहना हुआ था और मुंह (सफेद कपड़े से) ढका हुआ था। पुलिस ने उन्हें रुकने के लिए कहा लेकिन उन्होंने मोटरसाइकिल भगा लिया। पुलिस पार्टी ने उन्हें पकडऩे की कोशिश की। सिख युवक जो मोटरसाइकिल की पिछली सीट पर बैठा था, उसके कंधे पर एक बैग था। भागते समय उनका बैग जमीन पर गिर गया। बैग की तलाशी लेने पर दो कंटेनर बरामद हुए जिनमें 1-1 हैंड ग्रेनेड था। बैग से एक मोबाइल भी बरामद हुआ था। पुलिस ने पहले दोनों अज्ञात युवकों ने खिलाफ विस्फोटक अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। बाद में यह मामला एनआईए के पास जांच के लिए आया और उन्होंने अलग से मामला दर्ज कर उक्त आरोपी व उसके साथी को गिरफ्तार किया था।
