मृतक के परिवार वाले शव सडक़ पर रखकर कर रहे थे प्रदर्शन, पुलिस शव उठाने गई तो भीड़ ने किया पथराव
पुलिस के सरकारी वाहनों को तोड़े शीशें, 30 लोगों पर मामला दर्ज
मोहाली 20 जून (Geenews network) वीरवार सुबह करीब 1 बजे सडक़ हादसे में एक युवक की सडक़ हादसे में मौत के बाद गुस्से में आई भीड़ ने मौके पर पहुंची पुलिस पर उस समय पत्थराव कर दिया जब पुलिस शव को उठाकर अस्पताल ले जाने लगी। भीड़ ने पुलिस को शव अस्प्ताल ले जाने से रोका और उनकी गाड़ी पर भी हमला कर शीशे तोड़ दिए। बताया जा रहा है कि वेरका दूध की गाड़ी के नीचे आने से युवक की मौत हो गई थी और गांव वाले उसका शव सडक़ के बीच रखकर प्रदर्शन कर रहे थे। इस मामले में थाना बलौंगी में 30 अज्ञात लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 353, 186, 283, 148, 149 व 427 के तहत मामला दर्ज किया है। एसएचओ बलौंगी सुमित मौर ने कहा कि पुलिस के पास मौके की वीडियो हैं और आरोपियों की पहचान करके उनको गिरफ्तार किया जाएगा। वहीं, सडक़ हादसे के आरोपी वेरका ट्रक के ड्राइवर बिक्कर सिंह के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी ड्राइवर बिक्कर सिंह फिलहाल फरार बताया जा रहा है। एसएचओ ने कहा कि उसे जल्द काबू कर लिया जाएगा। एसएचओ ने बताया कि सुबह 1 बजे के करीब हुए हादसे दौरान बलौंगी-खरड़ हाइवे पर फ्लाईओवर के नीचे वेरका दूध के ट्रक ड्राइवर ने एक मोटरसाइकिल चालक को टक्कर मार दी। हादसे में मोटरसाइकिल सवार सागर नाम के युवक की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उसके पीछे बैठे युवक मिथुन की टांग में फ्रैक्चर हो गया। मिथुन को राहगीरों ने सिविल अस्प्ताल पहुंचाया। सागर के रिश्तेदारों और दोस्तों को उसकी मौत की सूचना मिली तो वह हादसे वाली जगह पर इक्ट्ठे हो गए। एसएचओ ने बताया कि वेरका दूध का ट्रक ड्राइवर अपनी गाड़ी वहीं छोडक़र मौके से फरार हो गया। एक चाय की दुकान वाले ने पीसीआर पार्टी को सूचना दी। पीसीआर मुलाजिम ने मौके पर पहुंचकर बलौंगी थाने में जानकारी दी। जब बलौंगी थाना पुलिस लाश को कब्जे में लेने के लिए मौके पर पहुंची तो गुस्साए लोगों ने लाश को नहीं उठाने दिया। पुलिस पार्टी ने एसएचओ को बताया कि स्थिति तनावपूर्ण है और लोग शव को उठाने नहीं दे रहे। मौके पर एसएचओ खुद पहुंचे और हालात खरात होते देख और पुलिस फोर्स को बुलाया। एसएचओ ने मौके पर लोगों को शांत करने का प्रयास किया लेकिन भीड़ इस बात पर अड़ी थी कि ड्राइवर को जब तक गिरफ्तार नहीं किया जाता वह शव को नहीं उठाने देंगे। गुस्साए लोग पुलिस के साथ हाथापाई पर उतर आए। जब भीड़ काबू से बाहर हुई तो एसएचओ ने फोर्स को सख्त कार्रवाई के आदेश दिए तो भीड़ ने पुलिस पर पत्थराव कर दिया जिस कारण पुलिस की सरकारी गाड़ी के शीशे तोड़ दिए गए। पुलिस मुलाजिमों को भी मामूली चोटें लगी। पुलिस ने अपना बचाव किया और 30 अज्ञात हमलावरों पर मामला दर्ज कर लिया।
