मोहाली 17 मई (Geenews network) एक फर्जी कंपनी बनाकर उसमें पैसा निवेश कर अच्छा मुनाफा देने का लालच देकर एक डॉक्टर से 28.35 लाख रुपए की ठगी मारने का मामला सामने आया है। इस मामले में ठगी का शिकार हुए डॉ. संदीप ने पंजाब स्टेट साइबर क्राइम पुलिस को 30 अप्रैल को शिकायत दी थी। पुलिस ने जांच के बाद अज्ञात ठगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 व आईटी एक्ट की धारा 66 (सी) 66 (डी) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इस मामले में साइबर एक्सपर्ट की मदद ली जा रही है। डॉ. संदीप निवासी टॉवर -9 स्काई गार्डन सेक्टर -66/ए मोहाली को दिए अपने बयान में कहा कि वह मोहाली के एक निजी अस्पताल में काम करता है। 19 फरवरी 2024 को उसने अपने फेसबुक अकाउंट पर स्क्रॉल कर रहा था तो उसे एक वेब लिंक मिला जो स्टॉक मार्केट में निवेश कर अच्छे मुनाफे का दावा करता था। उस वेबलिंक को उसकी आईडी पर पोस्ट किया गया था। लिंक में यूट्यूबर और स्टॉक इन्वेस्टमेंट कोच अक्षत श्रीवास्तव की फोटो लगी हुई थी। उसने अधिक जानकारी लेने के लिए जैसे लिंक दबाया और उसे तुरंत एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ लिया गया। उस व्हाट्सएप ग्रुप का नाम “द वैल्यू टीम ए-21 था। यह ग्रुप 16 जनवरी 2024 को बनाया गया था। उसे 19 फरवरी 2024 को उक्त समूह में जोड़ा गया था। उक्त ग्रुप के एडमिन अंजना कपूर, प्रियंका शर्मा व कुछ अज्ञात नंबर वाले थे। उसी दिन कई व्यक्ति ग्रुप इनवाइट लिंक के माध्यम से उक्त व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल हुए। इसके बाद अंजना कपूर ने खुद को उक्त ग्रुप का मैनेजर बताया। अंजना ने उक्त ग्रुप में सभी जुड़े हुए मेंबर को भारतीय शेयर बाजार में निवेश और ट्रेडिंग के बारे में बताया। अंजना कपूर ने ग्रुप में अविनाश अग्रवाल का परिचय गुरु के रूप में कराया और बताया कि वह उनके सहायक हैं। उन्होंने आगे बताया कि अविनाश अग्रवाल सही स्टॉक और निवेश के बारे में सिखाएंगे। ग्रुप में बताया गया है कि अविनाश अग्रवाल 12 साल से गोल्डन सेचिस एशिया पैसिफिक में प्रिंसिपल इन्वेस्टमेंट एनालिस्ट हैं और 20 साल से इक्विटी रिसर्च में लगे हुए हैं। कंपनी की बातों से प्रभावित होकर उसने शुरुआत में 1 लाख रुपए स्टॉक मार्केट में निवेश कर दिए। उनके द्वारा अपनाई गई विधि यह थी कि जब भी उसके अपने संस्थागत खाते में कुछ धनराशि जमा की जाती तो उसे स्टॉक खरीदने के लिए मैसेज आ जाता। उसने इस तरह समय-समय पर निर्देशित शेयरों को खरीदकर शेयर बाजार में अधिक धनराशि निवेश करना शुरू कर दिया। आरोपियों के अनुसार उक्त निवेश पर 300 फीसदी रिटर्न मिलने का दावा किया गया और उसके बाद मुनाफे के साथ सभी फंड निकाले जा सकते थे। उन्हें निवेशक से अर्जित कुल मुनाफे का 25 फीसदी मिलना था। उनका खाता कुछ लाभ दर्शा रहा था इसलिए यह देखने के लिए कि क्या वह उन मुनाफे को निकालने में सक्षम है तो उसने 5 हजार की राशि निकाल ली। उन्होंने उसे इतनी रकम निकालने की इजाजत दे दी, जिससे वह उन पर और भी ज्यादा भरोसा करने लगा। इसके बाद उसने उक्त कंपनी में अलग अलग समय पर कुल 28.35 लाख रुपए निवेश कर दिए। बाद में फर्जी कंपनी ने ना तो उसके पैसे रिफंड किया और ना ही उसे मुनाफा दिया जिसके बाद उसने स्टेट साइबर क्राइम पुलिस को शिकाया दी पुलिस ने जांच के बाद फर्जी स्टॉक कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।

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