साढे 16 लाख रुपये की थी ठगी

मोहाली 9 मई (Geenews Network)-चंडीगढ़ निवासी तेजिंदर कुमार ने दी थी पुलिस को शिकायत, कैनेडा वर्क वीजा दिलाने के नाम पर मांगे थे 20 लाख रुपये विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी का खेल लगातार जारी है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिसमें इंडस्ट्रियल एरिया फेज-8बी चौकी पुलिस ने चार साल से इमीग्रेशन फ्रॉड के मामले में फरार चल रही महिला को काबू कर उसे जेल भेजा है। बुधवार को इस मामले की आरोपी सरू सिंह को मोहाली पुलिस ने कोर्ट में पेश किया जहां से उसे ज्यूडिशियल रिमांड पर 14 दिन के लिए जेल भेज दिया गया है। जानकारी के अनुसार वर्ष 2019 में आरोपी महिला के खिलाफ इमीग्रेशन फ्रॉड और धोखाधड़ी की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। तब से लेकर अब तक महिला लगातार फरार चल रही थी। हालही में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर महिला को काबू कर कोर्ट में पेश किया था। साढे 16 लाख रुपये लेकर थमा दिया था कैनेडा का फर्जी वीजा शिकायतकर्ता ने पुलिस को अपनी शिकायत देते हुए बताया था कि उसकी मुलाकात सरू सिंह नाम की महिला से हुई थी जो कि इंडस्ट्रियल एरिया फेज-7 में इमीग्रेशन का काम करती थी। महिला के साथ संपर्क करने के साथ उसने कैनेडा वर्क परमिट के लिए 20 लाख रुपये की मांग की थी। जिसके बाद 18 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। महिला ने पांच लाख रुपये एडवांस में लिए थे और कुछ दिन बाद उसे वीजा की कॉपी भेज दी थी। उसके बाद उससे कुल साढे 16 लाख रुपये ले लिए थे। लेकिन जब टिकट करवाने की बारी आई तो महिला टाल मटोल करने लगी। जिसके बाद पीड़ित की तरफ से वीजा की कॉपी को बाहर चेक करवाया ताे पता लगा कि उसने जो वीजा दिया था वो भी फर्जी था। फिर मामले में पुलिस शिकायत की गई। दो लाख रुपये कैश वापस किए, बाकी चेक दिए वो हो गए बाउंस पीड़ित के अनुसार जब उन्होंने महिला पर पैसे वापस करने का दबाव बनाना शुरू किया तो उसने उसके पिता के खाते में दो लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। साथ ही साढे 14 लाख रुपये के चेक उन्हें दे दिए लेकिन वो चेक भी बाद में बाउंस हो गए थे। आखिर में पुलिस ने महिला के खिलाफ धोखाधड़ी तथा इमीग्रेशन एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी।

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