मोहाली 19 नवम्बर (Geenews Network) -पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने वर्ष 2002 से भगौड़े चल आ रहे एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान विनोद महाजन के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि विनोद महाजन पर गोल्डन प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड झरमड़ी तहसील डेराबस्सी स्थित फर्म के नाम पर निवेशकों का करोड़ों रुपया लगवाकर धोखाधड़ी करने का आरोप है। विजिलेंस वक्ता ने बताय कि गैर बैकिंग वित्तिय संस्था को वर्ष 1996 में चार डायरेक्टर ने सरकार के पास एक फर्म के तौर पर रजिस्टर्ड करवाया था, जिसमें पंचकूला से राकेश कांत सियाल, उनकी पत्नी बिमला सियाल, रुमिला सिन्हा निवासी पंचकूला व विनोद महाजन निवासी गांव आरिफवाला कपूरथला जोकि अब पंचकूला में रहता था। उक्त डायरेक्टरों ने जिला रोपड़ की तहसील नूरपुर बेदी में 530 एकड कृषियोग जमीन खरीदी थी, जिसके लिए उन्होंने निवेशकों को लुभावने सपने दिखाकर पैसे इन्वेस्ट करवाए। इसके अलावा उपरोक्त डायरेक्टरों ने निवेशकों से वसूले गए पैसों के बदले उनको चार गुणा पैसा देने का भरोसा भी दिया था। लेकिन उक्त डायरेक्टरों ने निवेशकों का पैसा इनवेस्ट करवाकर जमीन का विकास नहीं किया और ना ही निवेशकों को मलकीयत के अधिकार दिए। इसके अलावा निवेशकों को उनके साथ हुए समझौते में भरोसे के तौर पर पोस्ट डेटिड चैक भी नहीं दिए गए। वक्ता ने बताया कि इस मामले में उक्त कंपनी के चारों डायरेक्टरों के खिलाफ आइपीसी की धारा 406, 420, 467, 468, 471, 120बी व भ्रष्टाचार रोकू एक्ट की धारा 7(2), 13 (1), 13 (2) के तहत विजिलेंस ब्यूरों के थाना पटियाला में मामला दर्ज किया था। उन्होंने कहा कि उक्त आरोपित विनोद महाजन को अदालत ने वर्ष 2002 में भगौड़ा करार दिया था और तभी से वह गिरफ्तारी से बच रहा था। आरोपी को अदालत में पेश किया जाएगा और इस मामले की जांच की जाएगी।
