पुलिस ने विरोध से पहले हिरासत में लिया

मोहाली 3 नवम्बर(Geenews Network)- पंजाब में बनी पिछली सरकारों ने वोट लेने से पहले नशा बंद करने के दावे किए पर पंजाब में नशा बंद नहीं हो सका, उल्टा नौजवान नशों की दलदल में धंसते चले गए। पहले पंजाब में शराब का दौर चला और अब सिंथेटिक्स नशा बांटा जा रहा है। अगर हमें नशे से बचना है तो हमें गुरू के बताए मार्ग पर चलने की जरूरत है। यह विचार खरड़ में वारिस पंजाब जत्थेबंदी के मुख्य सेवादार अमृतपाल सिंह खालसा ने उस समय कहे जब वह अमृत संचार के सबंध में करवाए गए समागम में पहुंचे थे। वहीं, समागम का विरोध करने के लिए शिव सेना नेता संजीव घनौली अपने समर्थकों को लेकर वहां पहुंचे लेकिन पुलिस बल ने उन्हें रास्ते में ही रोक कर हिरासत में ले लिया और समागम के समापन के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। वहीं दूसरी तरफ मीडिया से बातचीत करते हुए अमृतपाल ने कहा कि बाबा बंदा सिंह बहादुर ने इस क्षेत्र में सिख कौम के लिए लड़ाई लड़ी है। उन्होंने इस क्षेत्र में खालसा राज का नींव पत्थर रखा था। उन्होंने कहा कि अगर कौम में गुलामी दूर करनी है तो संघर्ष करना पड़ेगा।वहीं उन्होंने शिव सेना पर तीखे हमले करते कहा कि आज यहां आकर पता लगा कि शिव सेना वाले समागम का विरोध कर रहे हें। उन्होंने प्रशासन को बेनती की है कि इनको रोका ना करें। उन्होंने प्रशासन को अपील की है कि वह मांग पत्र ले लें। इस मौके पुलिस ने पहले ही कड़े सुरक्षा प्रबंध किए हुए थे। वहीं इस मौके शिव सेना नेता अमित शर्मा ने कहा कि वह अमृत संचार का कोई विरोध नहीं करते बल्कि जो अमृृतपाल सिंह हिंदुओं के विरुद्ध प्रचार करते हैं उसके विरुद्ध हैं। जिला मोहाली के एसपी रूरल नवरीत सिंह विर्क ने कहा कि पुलिस ने कड़े बंदोबस्त किए हुए थे विरोध से पहले ही शिव सेना नेताओं को रोक दिया गया था। उन्होंने कहा कि अगर कोई प्रोग्राम कर रहा है तो प्रोटेस्ट ना करें।

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