
मोहाली 16 अक्टुबर (Geenews Network) पूर्व कैबिनेट मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा को विजिलेंस टीम ने जीरकपुर से गिरफ्तार कर लिया विजिलेंस ब्यूरो की जांच का सामना कर रहे शाम सुंदर को मोहाली कोर्ट में पेश किया जहां कोर्ट ने उनका तीन दिन का रिमांड दिया । अरोड़ा को विजिलेंस टीम ने बीती रात जीरकपुर में विजिलेंस के एक एआइजी को 50 लाख रुपये रिश्वत देते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। रिश्वत देते समय उनके साथ मौजूद उनके पीए मनी को भी गिरफ्तार किया गया। विजिलेंस टीम ने पूर्व कैबिनेट मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा का पासपोर्ट भी जब्त कर लिया है। अराेड़ा व पीए को जीरकपुर के एक माल से गिरफ्तार किया गया जिस एआइजी ने सुंंदर शाम अरोड़ा को गिरफ्तार करवाया उनका नाम मनमोहन कुमार है। अरोड़ा को विजिलेंस के डीएसपी अजय कपिला ने ट्रैप लगाकर गिरफ्तार किया। बताया जाता कि अरोड़ा ने अपने खिलाफ आय से अधिक मामले का केस खत्म कराने के लिए एक करोड़ रुपये में सौदा तय किया था और पहली किस्त के रूप में 50 लाख रुपये देने पहुंचे थे। अरोड़ा को जीरकपुर के कास्मो माल से गिरफ्तार किया गया है। दरअसल, मनमोहन कुमार होशियारपुर के कस्बा हरियाना के रहने वाले हैं। शर्मा के छोटे भाई भी पंजाब पुलिस में डीएसपी हैं। चूंकि मनमोहन कुमार स्थानीय हैं, इसलिए अरोड़ा की उनके साथ अच्छी जान पहचान है। इसी वजह से अरोड़ा ने मनमोहन से संपर्क साधा। बातचीत करने के लिए 14 अक्टूबर को अरोड़ा चंडीगढ़ में मनमोहन कुमार से मिले। इस दौरान उन्होंने आय से अधिक मामले में केस रफादफा करने के लिए एक करोड़ की आफर दी।विजिलेंस अधिकारी ने प्रेस को दी जानकारी में बताया कि पचास लाख रुपये पहले और पचास लाख रुपये काम होने के बाद देने की बात हुई।

अरोड़ा के जाने के बाद मनमोहन ने सारी जानकारी अपने अधिकारियों को दी। इसके बाद इसकी लिखित शिकायत की गई। फिर, प्लानिंग के अनुसार अरोड़ा को शनिवार को जीरकपुर बुलाया गया। इसके बाद एआइजी ने चीफ विजिलेंस को मामले की जानकारी दी।अरोड़ा ने शनिवार शाम एआइजी मनमोहन कुमार को फोन कर कहा रिश्वत के पैसे लेकर आया हूं। डीजीपी अजय कपिला ने टीम बना कर कारवाई की। सारी कमान खुद मनमोहन कुमार ने संभाल रखी थी और जैसे ही अरोड़ा ने रिश्वत के 50 लाख दिए टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
सात महीने में कांग्रेस सरकार के तीसरे पूर्व मंत्री गिरफ्तार
अरोड़ा कांग्रेस सरकार के तीसरे पूर्व मंत्री हैं, जिन्हें इस साल मार्च में आप सरकार के सत्ता में आने के बाद गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले विजिलेंस ब्यूरो ने पूर्व मंत्री साधु सिंह धर्मसोत और भारत भूषण आशु को भ्रष्टाचार के अलग अलग मामलों में गिरफ्तार किया था। इसके अलावा सरकार के निशाने पर कांग्रेस के एक और पूर्व मंत्री संगत सिंह गिलजियां भी हैं। उनके खिलाफ जंगलात घोटाले में मामला दर्ज किया गया है। गिलजियां की गिरफ्तारी के लिए विजिलेंस उनकी तलाश में जुटी है। गिलजियां लंबे समय से भूमिगत हैं।
