-7 महीने बाद भी पुलिस ने चालान नहीं किया पेश, पुलिस पर लगे सीआइडी के मुलाजिम के दबाव में आकर कार्रवाई ना करने के आरोप

मोहाली, 4 जुलाई (Geenews Network) -डेराबस्सी के रहने वाले लक्ष्मण दास पर खरड़ खानपुर में उसकी फैक्ट्री में हुए जानलेवा हमले के 7 महीने बाद भी पुलिस ने हमलावरों को गिरफ्तार नहीं किया। लक्ष्मण दास ने आरोप लगाए हैं कि हमलावरों का एक रिश्तेदार मोहाली में सीआइडी में लगा हुआ है जिसके दवाब में आकर पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही। मोहाली में की प्रैस कान्फ्रैंस दौरन लक्ष्मण ने आरोप लगाया कि पुलिस ने पहले तो हमले के 28 दिन बाद मामला दर्ज किया और एफआइआर में एमएलएआर रिपोर्ट के अनुसार बनती धारा (326) ना लगाकर हलकी धारा (323, 324, 34) के तहत मामला दर्ज आरोपियों को बचाने की कोशिश की। ताकि उन्हें आसानी से जमानत मिल जाए। जबकि हमले में उसके कान का पर्दा फट गया था और दो व्यक्तियों के 18 टांके लगे थे। यहां तक कि 7 महीने बाद भी पुलिस ने अदालत में चालान तक पेश नहीं किया। हमलावर उसकी फैक्ट्री पर कब्जा करने के प्रयास कर रहे हैं। पुलिस कार्रवाई ना होने से उसे लाखों रुपये का नुकसान झेलना पड़ रहा है। उसने एसएसपी मोहाली के शिकायत देकर उचित कार्रवाई की मांग की है।
लक्ष्मण दास निवासी मकान नंबर 47 रोजवुड 2 जीबीपी बरवाला रोड डेराबस्सी ने बताया कि उसकी खरड़ खानपुर में एसएस इंडस्ट्री नाम की फैक्ट्री है। इस फैक्ट्री में इंटर लाक टाइल बनती है और फैक्ट्री करीब 4 साल पहले उसने अपने जीजा मंगत राम निवासी गांव धर्मपुरा जिला मानसा के साथ पार्टनरशिप में की थी। 6 महीने पहले 1 मई 2021 को उनका एग्रीमेंट हुआ था। उसी दिन से मालीकाना हक उसका है। दोनों ने सहमति से फैक्ट्री पर करीब 50 लाख का लोन इंडियन बैंक चंडीगढ़ से लिया था। जिसका करीब 26 लाख रुपये का वह भुगतान कर चुका है, बाकी के रहते पैसे 24 लाख रुपये अदा करना भी उसकी जिम्मेवारी थी। 18 अक्टूबर 2021 को फैक्ट्री से 40 लाख रुपये की चोरी हो गई जिस संबंधी सिटी खरड़ थाने में मामला दर्ज है। चोरी होने के कारण वह बैंक लोन नहीं भर सका। मंगत राम इस बात को लेकर उससे पार्टनरशिप तोड़ गया और 3 दिसंबर 2021 को फैक्ट्री पर कब्जा करने की नियत से अपनी पत्नी मोना रानी जो उसकी सगी बहन है और तीन अज्ञात व्यक्तियों को लेकर फैक्ट्री आ गया। पहले उन्होंने काम कर रही लेबर को धमकाया और बाद में उस पर तलवारनुमा हथियार से जानलेवा हमला कर दिया। जब उसके पिता उसे छुडाने आए तो उस पर भी हमला कर दिया। इसी दौरान मौके पर पहुंचे उसके दोस्त संजीव कुमार उर्फ राणा पर भी तलवारनुमा हथियार से हमला किया गया। शोर डालने पर हमलावर वहां से भाग गए। हमले में उसके कान का पर्दा फट गया और कंधे पर 6 टांके लग जबकि संजीव कुमार के 12 टांके लगे। लक्ष्मण ने आरोप लगाया कि एएसआई लखविंदर ने 28 दिन का मामला दर्ज ही नहीं किया।
एमएलआर रिपोर्ट व डाक्टरों से सलाह लेकर कार्रवाई हुई है। सीआइडी के किसी मुलाजिम का उन पर प्रैशर नहीं है। रही बात चालान की वह एक दो दिन में पेश कर देंगे।
लखविंदर सिंह, एएसआई जांच अधिकारी

