मुख्यमंत्री भगवंत मान से लगाई गुहार ,विजिलैंस से जांच करवाने की मांग

आइजी रैंक के अधिकारी से परिवार को बताया जान का खतरा

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आरोप लगाती क्रिस्पी खैहरा

मोहाली 14 जुलाई ( Geenews Network) – इमीग्रेशन कंपनी चलाने वाली क्रिस्पी खैहरा ने आइजी रैंक के अधिकारी पर अपने पद का गलत इस्तेमाल कर उस पर व उसके पति दविंदर गिल पर धोखाधड़ी की मल्टीपल एफआइआर दर्ज करवाने के आरोप लगाए हैं। क्रिस्पी खैहरा ने मीडिया से इंटरनेट के माध्यम से संपर्क किया और अपनी वीडियो वायरल की, जिसमें क्रिस्पी खैहरा ने पंजाब पुलिस के आईजी रैंक के अधिकारी से खुद को जान का खतरा बताया है। क्रिस्पी ने मीडिया के माध्यम से पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से गुहार लगाई है कि आइजी रैंक के अधिकारी से उसके परिवार को जान का खतरा है जिसकी विजिलैंस इंक्वायरी करवाई जाए। हालांकि क्रिस्पी खैहरा व दविंदर गिल पर धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज हैं और हाल ही में दविंदर गिल सेक्टर-17 चंडीगढ़ में दर्ज हुई एक एफआइआर में जेल में बंद है। 8 साल पुरानी एफआइआर में फंसाया नाम क्रिस्पी ने आरोप लगाया है कि तीन महीने पहले चंडीगढ़ पुलिस पर दवाब बनाकर उसके पति को झूठे मामले में फंसाया गया। जबकि किसी चार्जशीट व सप्लीमेंटरी चालान में उसके पति दविंदर का नाम नहीं है। क्रिस्पी का आरोप है कि जब आईजी रैंक का अधिकारी बीओआई (ब्यूरो आफ इन्वेस्टीगेशन) में तैनात था तो उन्हें अलग-अलग केसों में समन भेजे गए। आईजी रैंक के अधिकारी व उसका सीबीआई कोर्ट में ट्रायल चल रहा है। उस पर केेस वापस लेने का दवाब बनाया जा रहा है। जब वह समझौता नहीं कर रही तो उस पर व उसके पति पर झूठे मामले दर्ज करवाए जा रहे हैं। 8 साल पुरानी एफआइआर जिसमें उसका कोई लेना देना नहीं है उसमें उसे नामजद किया गया है। एडीजीपी रैंक के अधिकारी को एसआइटी में शामिल करने की मांग क्रिस्पी ने कहा डीजीपी से आग्रह के बाद उसके मामले में एसआइटी बनाई गई थी। लेकिन जो अधिकारी जांच के लिए एसआईटी में शामिल किए गए हैं उनमें लोअर रैंक के अधिकारी थे, जिनका कहना है कि उन पर आईजी का प्रैशर है। उन्हें जस्टिस नहीं मिल पा रहा। क्रिस्पी ने मामले की जांच एडीजीपी रैंक के अधिकारी से करवाने की मांग की है ताकि बिना किसी दवाब के जांच हो सके। उनके फेवर में बनी रिपोर्ट हुई गायब क्रिस्पी ने यह भी आरोप लगाया है कि वर्ष 2014 में आईजी रैंक के अधिकारी ने उन पर झूठी एफआईआर दर्ज करवाई थी। इन मामलों को लेकर डीजीपी ने एसआइटी बनाई थी, जिनकी चार अधिकारियों ने क्लोज रिपोर्ट बनाई थी, जिसमें लिखा गया था कि दविंदर गिल को बेगुनाह किए जाने की सिफारिश की जाती है और क्रिस्पी के खिलाफ 13 सितंबर 2013 के बाद कोई रोल सामने नहीं पाया गया। 2018 में एसआइटी की उनके फेवर में की गई यह फाइल आज तक मीसिंग है, जिसे आईजी रैंक के अधिकारी ने गायब करवाया। क्रिस्पी ने कहा कि उन्होंने आरटीआई के माध्यम से यह रिपोर्ट हासिल की है जिसकी सिंगल कापी उसके पास है। जब इंक्वायरी उनके पक्ष में जाने लगती है वह फाइल गायब हो जाती है। क्रिस्पी का आरोप है कि जेल में बंद उसके पति को अब भी धमकियां आ रही है, उन्हें खुदकुशी करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

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