-कहा आपका नंबर मनी लॉड्रिंग गतिविधियों में शामिल, आपके खिलाफ 17 एफआईआर दर्ज
-ठगों ने कहा खुद को निर्दोश साबित करना है तो सुप्रीम कोर्ट से लेनी होगी एनओसी, खाते में पैसे करवाए ट्रांसफर

मोहाली,13 दिसंबर (Geenews Network) फेज-3बी2 में एक सीनियर सिटीजन को डिजिटल अरेस्ट कर 80 लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। 68 वर्षीय हरभजन कौर को मनी लॉड्रिंग गतिविधियों में शामिल बताकर ठगा गया है। हरभजन कौर ने इस मामले की शिकायत साइबर क्राइम थाने में की है। साइबर पुलिस मामला हल करने के लिए एक्सपर्ट टीम की मदद ले रही है।
साइबर पुलिस को दी शिकायत में हरभजन कौर ने कहा कि वह रिटायर्ड सीनियर सिटीजन है। उन्होंने कहा कि 9 दिसंबर को एक अज्ञात व्यक्ति ने उनके मोबाइल पर फोन किया जिसने कहा कि वह मुंबई साइबर क्राइम ब्रांच से बोल रहा है। उसने कहा कि उनके खिलाफ मुंबई में एफआईआर दर्ज हुई है। उसने कहा कि जो मोबाइल नंबर उनके आधार कार्ड से लिंक है वह मनी लॉड्रिंग गतिविधियों में शामिल पाया गया है। उसने यह भी कहा उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट निकले हैं और उसे मुंबई क्राइम ब्रांच आना पड़ेगा। फोन करने वाले ने कहा कि उन्हें पूछताछ तक डिजीटल अरेस्ट किया जाता है और दो घंटे बाद उनका नंबर ब्लॉक हो जाएगा।
हरभजन कौर घभरा गई और उन्होंने दोबारा उसी नंबर पर फोन किया। हरभजन कौर ने उसने संपर्क करके पूछताछ की और कहा कि उनके फोन से कौन सी गैर काननी गतिविधियां हुई है। उस व्यक्ति ने हरभजन कौर को एक नंबर भेजकर उस पर बात करने को कहा और कहा कि वह इनसे एनओसी प्राप्त करें। हरभजन कौर ने जब उस नंबर पर संपर्क किया तो उन्होंने व्हट्स एप्प पर एक मैसेज हरभजन कौर के नंबर पर भेजा। मैसेज में लिखा था कि उनके नंबर से कई लोगों को गलत मैसेज, एतराजयोग वीडियोज भेजी जा रही हैं जिस कारण उसनके खिलाफ 17 एफआईआर दर्ज हो चुकी है। मैसेज में यह भी लिखकर आया कि नरेश गोयल जोकि जेट एयरवेज का मालिक है उसको मनी लॉड्रिंग एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया है जिसने माना है कि उसने हरभजन कौर के साथ कैनरा बैंक के खाते से पैसों का लेनदेन किया है। उन्होंने इसकी जांच के लिए हरभजन कौर को गिरफ्तार करके मुंबई लेकर आया जाएगा और उनके घर पर सीबीआई की रेड भी होगी। हरभजन कौर काफी सहम गई। थोड़ी देर बाद फिर हरभजन कौर को व्हट्सएप्प कॉल आया जिसने कहा कि वह सीबीआई डायरेक्टर बोल रहा है और यह बहुत बड़ा हाई प्रोफाइल मामला है। हरभजन कौर से उसने कहा कि उन्होंने 58 लाख रुपये रिश्वत खाई है, अगर वह अपने आप को निर्दोश साबित करना चाहते हैं तो सुप्रीम कोर्ट में पेश होना पड़ेगा और वहां से एनओसी लेनी होगी। ठगों ने हरभजन कौर से कहा कि सुप्रीम कोर्ट का ऑर्डर है उन्हेंने पंजाब एंड सिंध बैंक में 25 लाख रुपये आरटीजीएएस करने होंगे। हरभजन कौर ने पैसे उनके बताए श्रीजी ट्रेडिंग के इंडियन बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए। 11 दिसंबर को दोबारा वीडियो कॉल आई और फिर 30 लाख 47 रुपये आरटीजीएस को उसी खाते में करने को कहा। हरभजन कौर ने वह भी ट्रांसफर कर दिए। 11 दिसंबर को महावीर ई-बाइक के आईडीएफसी फस्र्ट बैंक के खाते में दोबारा 25 लाख 47 रुपये ट्रांसफर करवाए। इस तरह ठगों ने कुल 80 लाख रुपये ठग लिए। बाद में उसे पता चला कि उसके साथ ठगी हुई है। उसने तुरंत साइबर क्राइम थाने में इसकी शिकायत दी।
