यूएसए के लोगों को पे-पॉल अकाउंट में अवैध ट्रांजेक्शन करने का डरावा देकर ठगे करोड़ों रुपये

पुलिस ने देर रात की थी रेड, इससे पहले 155 लोगों को कर चुकी है स्टेट साइबर क्राइम पुलिस गिरफ्तार

मंगलवार को मोहाली में जानकारी देते एसएसपी डाक्टर संदीप गर्ग

मोहाली 25 जून (Geenews network) मोहाली पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर खोलकर यूएसए के लोगों को पे-पॉल अकाउंट में अवैध ट्राजेक्शन करने का डरावा देकर करोड़ों रुपये की ठगी मारने वाले एक कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस फर्जी कॉल सेंटर के 37 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 25 लडक़े व 12 लड़कियां शामिल हैं। इस कॉल सेंटर का किंगपिन गुजरात में बैठकर इसे ऑपरेट कर रहा है। पुलिस ने उसकी जानकारी जुटा ली है। उसे पकड़ा बाकी है। आरोपियों के खिलाफ फेज-1 थाने में आईपीसी की धारा 406, 420, 120 व आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में फर्जी कॉल सेंटर के मुख्य सरगना व मैनेजर कैविन प्लेट व प्रतीक सहित कुल 37 लोगों को उक्त धाराओं में नामजद किया है। प्लाट नंबर ई-177 में चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर एसएसपी मोहाली संदीप गर्ग ने बताया कि यह फर्जी कॉल सेंटर प्लॉट नंबर ई-177 कैलाश टावर की पहली मंजिल पर वेबटैप प्राइवेट लिमिटेड के नाम से चल रहा था। 25 जून को पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि यह फर्जी कॉल सेंटर रात को काम करता है और यूएसए के लोगों को उनके पे-पाल अकाउंट में अवैध ट्रांजेक्शन होने के नाम पर ठगते हैं। पुलिस ने सूचना के आधार पर देर रात कॉल सेंटर में रेड कर 37 लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने मौके से 45 लैपटाप, 45 हैडफोन माइक, 59 मोबाइल फोन (दफ्तरी 23 व पर्सनल 36) व एक दिल्ली नंबर मर्सडीज कार बरामद की है।

इस तरह मारते थे ठगी

यह फर्जी कॉल सेंटर दिखावे के तौर पर इस प्लॉट में वेबटैप प्राइवेट कंपनी चला रहे थे। इसकी आड़ में वह विदेशी अकाउंट के खाताधारकों केा जाली ई-मेल भेजते थे। उन्हें पे-पॉल अकाउंट में अवैध ट्रांजेक्शन का डर बताकर कानूनी कार्रवाई करने की बात से डराते थे कि उनके अकाउंट में पैलेंटी लगाई जा रही है। पैलेंटी से बचने के लिए वह उन्हें झांसे में लेकर 100 से एक हजार डॉलर तक की ठगी मारते थे। आराोपी पिछले 6 महीने से यहां फर्जी कॉल सेंटर चला रहे थे। सभी को अपना काम बांटा गया था। एसएसपी ने कहा कि जिन 37 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, वह लोग जानते थे कि यह फर्जी कॉलसेंटर है। उसके बावजूद वह यहां काम करते रहे जिस कारण उन्हें भी बराबर धाराओं में शामिल किया गया है। किसी को डॉयलर्स (कॉल करने व उसे अटेंड करने) की ड्यूटी दी गई थी। कोई बैंकर्स बनकर बात करता थात तो किसी को बैंक ब्रांच का अधिकारी बनाया गया था और कोई ई-मेल का रिप्लाई करने की ड्यृटी दे रहा था।

इससे पहले 16 मई को पकड़े थे 155 लोग

16 मई 2024 को भी स्टेट साइबर सेल की टीम ने मोहाली में दो ऐसे कॉल सेंटरों का पर्दाफाश किया था, जो अमेरिका में रह लोगों को क्रेडिट स्कोर कम होने पर लोन दिलाने, ऐप्पल व अमेजन गिफ्ट कार्ड खरीदने के बहाने ठग रहे थे।पुलिस इन कॉल सेंटरों में काम करने वाले 155 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपियों से 79 कंप्यूटर, 206 लैपटॉप और मोबाइल फोन बरामद किए गए थे। यह दोनों कॉल सेंटर भी गुजरात में बैठे सरनाओं द्वारा चलाए जा रहे थे। आरोपियों पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 419, 420, 467, 468, 471 और 120बी और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की धारा 66सी और 66डी के तहत स्टेट साइबर सेल में केस दर्ज किया था। आरोपियों ने कॉल सेंटर इस तरह की लोकेशन पर स्थापित किए थे कि किसी को उन पर संदेह तक नहीं था। एक कॉल सेंटर सेक्टर-74 में प्लॉट नंबर 88 में स्थित था, जबकि, दूसरा फर्जी कॉल सेंटर सेक्टर 74 में ए-वन टॉवर पर स्थापित किया गया था। कॉल सेंटर में करने वाले सारे कर्मचारियों को एक स्क्रिप्ट दी हुई थी। उसी के हिसाब से सारा काम होता था। यह लोग पूरी तरह प्रोफेशनल तरीके से सारा काम करते थे।

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