नयागांव वासियों को मिली अगली सुनवाई तक राहत

मोहाली 9 नवम्बर(Geenews Network) पिछले कई दिनों से नयागांव एवं आसपास के कई ग्रामीणों ने पंजाब सरकार के खिलाफ अपने पुश्तैनी जमीनों को बचाने के लिए मोर्चा खोल रखा है। जिसके चलते पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में एक एक याचिका दायर की गई थी जिस पर सुनवाई करते हुए माननीय उच्च अदालत ने पंजाब सरकार के फैसले पर रोक लगा दी है। पंजाब सरकार की तरफ से सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की पालना करते हुए पुरानी शामलात जमीनों का इंतकाल बदलने का काम शुरू कर दिया है। लेकिन पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की तरफ से गांव करोरा की 3700 एकड़ जमीन का इंतकाल बदलने पर रोक लगा दी है। हालांकि खबर लिखे जाने तक हाईकोर्ट की वेबसाइट पर कोई आदेश अपलोड नहीं किया गया हैं। 7 अप्रैल 2022 को मान योग्य सुप्रीम कोर्ट की तरफ से स्टेट ऑफ हरियाणा वर्सेज जय सिंह मामले में आदेश जारी किया था कि आजादी के बाद जो भी जमीन शामलात थी, उनको आगे किसी भी हालत में बेचा नहीं जा सकता है। न ही उनके हिस्सेदार बदले जा सकते हैं। इस कारण जो भी जमीन बेची गई हैं, उनका इंतकाल बदलकर ग्राम पंचायत के नाम कर दिया जाए। पंजाब सरकार ने पीछे बुलाए विशेष सत्र में ग्रामीण कॉमन लैंड एक्ट में बदलाव करते हुए सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू करने के आदेश दिए थे। उसके बाद से ही पूरे पंजाब में सरकार का विरोध हो रहा था। लेकिन गांव करोरा की 3700 कनाल जमीन को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में एक रिट पिटिशन डाली गई थी। इसमें सुमित्रा नेगी एवं अन्य वर्सेस स्टेट ऑफ पंजाब के नाम से मामला अदालत में विचाराधीन था। मामले के वकील के एस रूपल के अनुसार बुधवार को अदालत में सुनवाई के दौरान सरकार के इस आदेश को अगली सुनवाई तक के लिए स्टे कर दिया गया है। वकील रूपल ने बताया कि उन्होंने अदालत में दलील दी है कि हरियाणा प्रदेश में इस मामले को लेकर कई मामले अदालत में लंबित हैं। उन सभी मामलों में अदालत की तरफ से सरकार की कार्रवाई पर रोक लगाई गई है। इसलिए इस मामले में भी रोक लगाई जानी चाहिए। इस कारण अदालत ने मामले में रोक लगाते हुए अगली सुनवाई हरियाणा प्रदेश के मामलों के साथ 16 नवंबर के लिए रखी गई है।

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