चंडीगढ़ 21 अक्टुबर (Geenews Network)मंत्रीमंडल ने पंजाब राज्य बिजली बोर्ड जो अब पंजाब स्टेट पावर कोरपरेशन लिमटिड ( पी. एस. पी. सी. एल.) है, के 16 अप्रैल, 2010 से पहले के मृतक कर्मचारियों/ अधिकारियों के वारिसों जो पहले मुआवज़ा नीति के घेरे में आते थे, को तरस के आधार पर नौकरी देने के लिए स्कीम को मंजूरी दे दी है।इस फ़ैसले के अनुसार तरस के आधार पर नौकरी संभावित तौर पर सिर्फ़ उन मामलों पर लागू होगी जहाँ मृतक कर्मचारी की मौत की तारीख़ 04 अप्रैल, 2010 से पहले थी और जिनको पहले मुआवज़ा नीति के अधीन विचारा गया था। इनमें वह केस भी शामिल हैं, जिनमें मुलाज़िम की मौत की तारीख़ साल 2002 ( वह साल जिसमें तरस के आधार नियुक्ति सम्बन्धी नीति को बंद कर दिया गया था) से पहले थी। तरस के आधार पर नौकरी की इजाज़त देने वाली यह स्कीम वैकल्पिक/ऑपशनल है। जो वारिस इस स्कीम के अंतर्गत तरस के आधार पर नौकरी नहीं लेना चाहते, उनको मुआवज़ा पालिसी के अंतर्गत पहले से ही प्राप्त किये गए लाभ या विशेष पैंशन के लाभ बरकरार रखने की इजाज़त दी जायेगी।
