वकील ने हरियाणा पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

हाईकोर्ट ने पुलिस कमिश्नर को दिए जांच एवं हफ्ते के अंदर एफिडेविट फाइल करने के आदेश

मोहाली 1 सितंबर (Geenews Network) – हरियाणा के गुड़गांव निवासी एक प्रेमी जोड़े को हाई कोर्ट से सुरक्षा दिलवाने के मामले में उनके वकील के घर पर गुड़गांव पुलिस ने प्रेमी जोड़े की तलाश में सर्च अभियान चलाया। पीड़ित वकील ने पुलिस के सर्च अभियान को गैरकानूनी बताते हुए अदालत में सर्च करने वाले पुलिस मुलाजिमों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अदालत ने पुलिस कमिश्नर गुड़गांव को मामले की जांच करने एवं एक हफ्ते के अंदर अदालत में अपना एफिडेविट दायर करने के निर्देश दिए हैं। जानकारी अनुसार गुड़गांव निवासी एक प्रेमी जोड़े ने प्रेम विवाह कर हाईकोर्ट से सुरक्षा की मांग की थी। इस मामले की अगवाई नयागांव निवासी एडवोकेट सर्वेश कुमार गुप्ता कर रहे थे। जिस पर गुड़गांव पुलिस की तरफ से एडवोकेट सर्वेश कुमार गुप्ता को 23 अगस्त को फोन कर मिलने का समय मांगा था। 23 अगस्त को उसी दिन गुड़गांव पुलिस के कुछ मुलाजिम उन्हें हाईकोर्ट में आकर मिले एवं प्रेमी जोड़े का पता पूछने लगे। जब उन्होंने पता बताने से मना कर दिया तो पुलिस की तरफ से दस लाख रुपए रिश्वत के तौर पर देने का प्रस्ताव रखा। रिश्वत को पीड़ित वकील की तरफ से ठुकरा दिया गया था। इसके पश्चात गुड़गांव पुलिस ने पीड़ित वकील के घर पर जाकर सर्च अभियान चलाया। एडवोकेट सर्वेश कुमार गुप्ता ने बताया कि गुड़गांव पुलिस ने गैरकानूनी तरीके से यह सर्च अभियान चलाया है। उनके पास मेरे घर में सर्च करने के लिए कोई वारंट नहीं थे। सर्च के दौरान उन्होंने मेरी पत्नी को गैर कानूनी तरीके से बंधक बनाकर रखा एवं उसका मोबाइल फोन भी छीन लिया। ताकि वह किसी को मामले के बारे में बता न सके। सर्च के दौरान हरियाणा पुलिस की तरफ से मेरी पत्नी को अज्ञात जगह पर ले जाया गया था। उन्होंने कहा मेरे घर पर सिर्फ 7 साल की बेटी अकेली थी। पीड़ित की तरफ से मामले की शिकायत नयागांव थाना, डीजीपी हरियाणा पुलिस, डीजीपी पंजाब पुलिस के साथ-साथ मुख्य न्यायाधीश पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट को की है। हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान 29 अगस्त को आदेश दिया है कि जब तक मामले की सुनवाई होती है, तब तक प्रेमी जोड़े को सुरक्षा प्रदान की जाए। साथ ही गुड़गांव पुलिस कमिश्नर को आदेश दिए हैं कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जल्द से जल्द जांच की जाए एवं 1 हफ्ते के अंदर अंदर अदालत में मामले संबंधी एफिडेविट भी दायर किया जाए।

बार काउंसिल ने दिया हफ्ते का समय

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट बार काउंसिल की तरफ से हरियाणा के डीजीपी एवं गुड़गांव के पुलिस कमिश्नर को एक पत्र लिखा है। जिसमें बार काउंसिल की तरफ से मामले में कार्रवाई की मांग की है। चिट्ठी में बार काउंसिल की तरफ से लिखा गया है कि जिन कर्मचारियों की तरफ से यह गैर कानूनी कार्रवाई की गई है। उनके खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाए।

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