मोहाली,3 जून ( Geenews network) मटौर पुलिस ने एक इमिग्रेशन कंपनी संचालक के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। आरोप है कि कंपनी संचालक ने रकम लेने के 70 दिन बाद कनाडा का वर्क वीजा देने का आश्वासन दिया था लेकिन ना तो वर्क वीजा दिया गया और ना ही पैसे वापिस किए गए। इस मामले की शिकायत कमलजीत सिंह निवासी अंबेदकर कॉलोनी सिटी खन्ना ने एसएसपी मोहाली को की थी। मामले की जांच डीएसपी रैंक के अधिकारी ने की जिसमें कंपनी संचालक कपिल शर्मा व अदित्या मैणी दोषी पाए गए। उनके खिलाफ थाना मटौर में आईपीसी की धारा 406, 420 व 120बी के तहत मामला दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता कमलजीत सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि ढाई साल पहले उसने उक्त कंपनी का विज्ञापन टीवी पर देखा था। दोषियों ने फेज-7 में वीएफएस ग्लोबल एसोसिएट्स के नाम से इमिग्रेशन कंपनी खोली हुई थी। अखबार में भी अपनी कंपनी के विज्ञापन दिए गए थे। उसने अखबार में विज्ञापन देखकर कंपनी से संपर्क किया। कंपनी संचालक कपिल शर्मा ने उसे कहा कि वह उनके दफ्तर में विजिट करें उनकी टीम उन्हें सब कुछ समझा देगी। मार्च 2019 को वह कंपनी के दफ्तर पहुंचा। उन्होंने उसे कनाडा का वर्क परमिट दिलाने के लिए 15 लाख रुपये मांगे। कहा कि 5 लाख रुपये अभी और 10 लाख रुपये कनाडा पहुंचने के बाद देने होंगे। उसे यह भी कहा गया कि अगर आपका वीजा ना आया तो पैसे वापिस कर दिए जाएंगे। कपिल शर्मा ने उसे 70 दिनों में वीजा देने का आश्वासन दिया। उसके अलावा उसके रिश्तेदारों कुसम शर्मा, निखिल निवासी अमृतसर, विवेक निवासी मोहाली, रेनू निवासी मोहाली, अमरजीत कौर निवासी दिल्ली, गगनदीप सिंह निवासी दिल्ली, मधूपेचा निवासी दिल्ली, तीरथ सिंह निवासी दिल्ली ने भी कपिल शर्मा को कनाडा जाने के लिए पैसे दिए। रकम लेने के 8 -10 महीने तक भी उनका वीजा नहीं लगा। जब उन्होंने कपिल शर्मा को फोन किया तो उसने फोन उठाना बंद कर दिया। जब उन्होंने कंपनी का दौरा किया तो वहां ताले लगे हुए थे। मामला पुलिस के पास पहुंचा तो जांच में सामने आया कि कंपनी संचालक ने कमलजीत सिंह से 5 लाख रुपये ठगी मारी है। दोनों कंपनी प्रबंधकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

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