मोहाली 1 अगस्त (Geenews Network)केंद्र सरकार ने देश विरोधी गतिविधियों में शामिल विदेश में बैठे जिन 13 लोगों को आतंकवादी घोषित किया है, उनमें मोहाली के परमजीत सिंह पम्मा का नाम भी शामिल है। नेशनल जांच एजेंसी (एनआइए) ने मंगलवार को से इन आतंकवादियों के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया।एनआइए की टीम ने मंगलवार को परमजीत सिंह पम्मा के मोहाली फेज-3बी2 स्थित मकान नंबर-1263 में दबिश दी। घर पर परमजीत सिंह पम्मा के पिता अमरीक सिंह व उसकी मां रतन कौर मौजूद थीं। सवा चार घंटे चले एनआइए के सर्च अभियान में घर के बाथरुम से कुछ गरम खयाली कागजात बरामद हुए।एनआइए की टीम सीआइओ डॉ. संजूकता पराशर (सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस एनआइए न्यू दिल्ली) का अथराइज्ड सर्च वारंट साथ लेकर आई थी। पम्मा की मां रतन कौर के अनुसार एनआइए टीम दिन में करीब 8 बजे उनके घर में दाखिल हुई। टीम ने आते ही उनके घर को खंगालना शुरू किया।रतन कौर ने बताया कि उनके फोन एनआइए ने अपने पास रख लिए थे और उनसे परमजीत सिंह पम्मा की जानकारी ली गई। पूछा गया कि पम्मा उनके संपर्क में है या नहीं। एनआइए की टीम ने पम्मा के मां-बाप की एफडी कॉपी के डाक्यूमेंट के अलावा, पासपोर्ट व घर के किराएदारों के वेरीफिकेशन कागजात भी चैक किए। एनआइए ने रतन कौर व अमरीक सिंह के मोबाइल से कुछ नंबर पर ट्रेस किए हैं। करीब दो ढाई घंटे की तलाशी व पूछताछ के बाद एनआइए की टीम सवा 10 बजे वापस दिल्ली रवाना हुई।एनआइए की टीम को परमजीत सिंह पम्मा के घर से उसके पिता अमरीक सिंह के हाथों लिखी जबर विरोधी एक्शन कमेटी की एक कॉपी बरामद हुई है, जोकि एनआइए के बताने अनुसार बाथरूम में छिपाई हुई थी। वहीं एनआइए की टीम के हाथ खालसा स्टेट आइडियोलॉजी का एक पमफ्लेट भी लगा है, उसे भी घर के बाथरूम में छिपाकर रखा गया था।एनआइए ने परमजीत सिंह पम्मा के घर पर अचानक दबिश दी थी। इस दबिश की एनआइए ने लोकल पुलिस को भी भनक नहीं होने दी और न ही पम्मा के परिवार को इसकी कोई जानकारी थी। एनआइए की टीम परमजीत सिंह पम्मा के घर से जो कागजात अपने साथ लेकर गई और कार्रवाई के दौरान जो कुछ उन्होंने घर पर किया उसे पूरा डिटेल में एक प्लेन पेपर पर टाइप करवाया गया।इसके बाद उस पर परमजीत सिंह पम्मा के पिता अमरीक सिंह व रतन कौर को साइन करने के लिए कहा, लेकिन पम्मा के माता-पिता ने उस पर साइन करने से इन्कार कर दिया। पम्मा की मां रतन कौर ने अपने वकील से सलाह लेने के बाद उन कागजात पर साइन किए और उसकी एक कॉपी अपने पास रखी।सिख फॉर जस्टिस का मुख्य कर्ताधर्ता है पम्माकेंद्र सरकार ने न्यूयार्क से संचालित संगठन सिख फॉर जस्टिस को गैर कानूनी घोषित करते हुए उस पर पांच साल के प्रतिबंध लगाया है। सरकार का दावा है कि यह संगठन खालिस्तान के नाम पर भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। इससे खासतौर पर पंजाब की हालत बिगड़ रही थे। इनके कई सोशल मीडिया हैंडल भी ब्लॉक किए गए हैं। उधर, सूत्रों की मानें तो वांटेड खालिस्तानी आतंकी परमजीत सिंह पम्मा को भारत-इंग्लैंड विश्व कप मैच के दौरान देखा गया था। गुरपतवंत सिंह पन्नू और परमजीत ¨सह को संगठन सिख फॉर जस्टिस का मुख्य कर्ताधर्ता माना जा रहा है।

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