चंडीगढ़ (Geenews Network)मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ किसान संघ के नेताओं की बैठक ढाई घंटे से अधिक समय तक चली। जिस के पश्चात दोनो पक्षों के बीच समझौता हो गया है। किसानों की 13 मांगों में से 12 मुद्दों पर सहमति बनी है। हालांकि, मार्च में भीषण गर्मी के कारण जिन किसानों की गेहूं की पैदावार गिर गई थी, उन्हें 500 रुपये प्रति क्विंटल मुआवजा देने की मांग पर अभी तक सहमति नहीं बन पाई ।मोहाली चंडीगढ़-बॉर्डर पर आंदोलन में डटे किसानो के धरने के बीच ग्रामीण विकास और पंचायत मंत्री कुलदीप धालीवाल पहुंचे। वहां उन्होंने सरकार और किसानों के बीच हुई सहमति की जानकारी दी। जिस पर किसान नेताओं ने भी हामी भरी। इसके बाद मोहाली मोर्चे को खत्म कर दिया गया । हलांकि किसान नेताओं ने कहा कि वह अभी मोर्चे को मुल्तवी कर रहे हैं। अगर आगे फिर कोई दिक्कत आई तो मोर्चा दोबारा लगाया जाएगा।

किसानों की जिन मांगों पर सहमति बनी है,उसमे धान की बिजाई के लिए पूरे पंजाब को 2 जोन में बांटा गया है। 14 और 17 जून को यहां धान की बुआई होगी। बिजली 3 दिन पहले से मिलनी शुरू हो जाएगी,और फिलहाल चिप वाले मीटर नहीं लगेंगे। मूंगी पर MSP का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। बासमती और मक्की की MSP के लिए मुख्य मंत्री मान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलेंगे। मक्की पर मान सरकार हर हाल में MSP देगी। पंचायती जमीनें जो किसानों ने आबाद की हैं। उन पर कब्जे को लेकर 23 मई को किसान नेताओं से मीटिंग होगी। यह मीटिंग ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री कुलदीप धालीवाल करेंगे। किसानों की कर्जा कुर्की और वारंट के लिए पंजाब सरकार के अफसर नहीं जाएंगे।

जैसे ही यह ऐलान मंत्री कुलदीप धालीवाल ने किसानो के धरना स्थल पर पहुंचकर किये, ऐलान सुनते ही किसानो ने बोले सो निहाल के नारे लगाएं,और एक रात बॉर्डर पर बिताने के बात बाद किसान अपने ट्रैक्टर टार्लिया लेकर घरो को रवाना हो गए,पंचायत मंत्री कुलदीप धालीवाल ने कहा की आप सरकार किसानो को सड़को पर नहीं बैठने देंगी,उनकी एक एक मांग पूरी की जाएगी,हमारी सरकार को समय कम हुआ है, हमे थोड़ा समय दो सभी समस्याओं का समाधान करेगें।

